रेलवे ने चुपचाप स्पेशल ट्रेनों की वातानुकूलित श्रेणी की सभी श्रेणियों (एसी-1, एसी-2 व एसी-3) में न्यूनतम दूरी का किराया फिक्स कर दिया है। अब गोरखपुर जंक्शन से एसी श्रेणी में यदि कोई बस्ती या गोंडा तक की यात्रा करेगा तो उसे लखनऊ तक का (505 रुपये) किराया देना पड़ेगा। स्लीपर श्रेणी में अभी राहत दी गई है। उनके लिए न्यूनतम दूरी तय नहीं की गई है।
ट्रेनों की वातानुकूलित श्रेणी में कम दूरी का सफर हुआ महंगा, गुपचुप तरीके से बढ़ा दिया गया किराया
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कोरोना संक्रमण के चलते 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन देश भर में बंद कर दिया गया था। दो मई से 14 राजधानी और एक जून से 220 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। अब ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी गई है। ट्रेनों में वेटिंग टिकट पर यात्रा प्रतिबंधित है। जितनी सीटें होंगी उतने ही यात्री सफर कर सकेंगे। इससे रेलवे को घाटा हो रहा था।
रेलवे इसकी भरपाई अलग-अलग शुल्क के माध्यम से कर रहा है। आरक्षण केंद्र के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक ने बताया कि निर्धारित दूरी का किराया कंप्यूटर में फीड हो चुका है। इसी के तहत टिकट बनाए जा रहे हैं। एसी श्रेणी में कम दूरी की यात्रा करने पर लखनऊ तक का किराया लिया जा रहा है।
ट्रेनों को सैनिटाइज करने का खर्च भी यात्रियों पर
रेलवे ने लंबी दूरी की रेलगाड़ियों का किराया 50 से 75 रुपये तक बढ़ा दिया है। ट्रेनों को सैनिटाइज करने का खर्च यात्रियों को ही वहन करना पड़ रहा है। जबकि एक जून से जब 220 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं थीं तो यह चार्ज नहीं लिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि घाटा पूरा करने के लिए रेलवे ने इसे चुपचाप बढ़ा दिया है।
रेलवे के जानकारों के मुताबिक, गोरखपुर से दिल्ली की यात्रा में वैशाली एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में 50 रुपये और मुंबई, अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनों में 75 रुपये शुल्क सैनिटाइजेशन के मद में लिया जा रहा है। हालांकि, टिकट में इसका अलग से जिक्र नहीं किया जाता है।