देश में कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। कोरोना की तीसरी लहर में कमजोर इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) वाले लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके मद्देनजर गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले 90 फीसदी लोगों की इम्युनिटी कमजोर हो गई है। लिहाजा, संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अगस्त-सितंबर तक तीसरी लहर आ सकती है। अब जरूरत सतर्कता बरतने की है।
Exclusive: कमजोर इम्युनिटी वाले हो जाएं अलर्ट, फिर मंडराया कोरोना संक्रमण का खतरा
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डॉ. अमरेश सिंह के मुताबिक मई में सीरो सर्वे के तहत सैंपल लिए गए थे। सैंपल लेने और उसकी रिपोर्ट आने के तीन माह का समय बीत चुका है। करीब 90 प्रतिशत लोगों की इम्युनिटी कमजोर हो गई होगी। क्योंकि वायरल होने के तीन माह तक ही शरीर में इम्युनिटी रहती है। कई ऐसे केस दूसरी लहर में सामने भी आ चुके हैं। लोग संक्रमित हुए और तीन माह बाद जब इम्युनिटी कमजोर हुई तो वह दोबारा संक्रमण की चपेट में आ गए। यह केवल गोरखपुर की बात नहीं है। देश में भी संक्रमण का असर अप्रैल, मई और जून माह ही रहा है। ऐसे में लोग संक्रमण का शिकार हुए और अब उनके अंदर इम्युनिटी उतनी प्रभावी नहीं होगी। यही वजह है कि तीसरी लहर अगस्त और सितंबर में आने की बात कही जा रही है। गैर राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। बाहर से आने वाले लोग कोरोना संक्रमित भी मिल रहे हैं।
डुमरी खास सहित कई गांवों से लिया गया था नमूना
सीरो सर्वे के तहत मई में एम्स के गोद लिए गांव डुमरी खास, शिवपुर समेत 25 गांवों से 108 बच्चों का नमूना लिया गया था। इन सभी बच्चों की उम्र पांच से 18 वर्ष के बीच है। इन बच्चों के खून में एंटीबॉडी की जांच रैपिड किट से की गई। यह किट डब्लूएचओ ने मुहैया कराई थी। सर्वे में 87 बच्चों में एंटीबॉडी उस वक्त पाई गई थी। यह सीरो सर्वे हुए तीन माह बीत चुके हैं, ऐसे में बच्चों को तीसरी लहर में संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है। गोरखपुर में ही 18 वर्ष से कम उम्र के करीब 18 लाख बालक-किशोर हैं। इन सबको टीका भी नहीं लगा है। संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बालक-किशोरों में है।
गोरखपुर जिले में अब तक 11,33,812 लोग 20 जुलाई तक कोविड का टीका लगवा चुके हैं। इनमें से 10,02,291 लोगों ने कोविशील्ड और 131521 ने कोवैक्सीन लगवाया है। इनमें करीब एक से डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जिनको टीका लगवाए तीन माह से अधिक का समय बीत चुका है।
80.6 फीसदी मिले थे संक्रमित
मई में जिलेवासियों की इम्युनिटी जानने के लिए एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) और डब्लूएचओ ने सीरो सर्वे किया था। सीरो सर्वे में यह बात सामने आई थी कि 80.6 फीसदी लोग संक्रमित मिले थे जबकि 108 में से 87 बच्चों में एंटीबॉडी मिली थी।