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27 महीने तक संघर्ष के बाद मिली रेलवे में पहचान, राजेश से सोनिया पांडे बना था यह शख्स

Wed, 14 Oct 2020 09:03 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Wed, 14 Oct 2020 09:03 AM IST
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Railway Male Employee Rajesh Change Gender Into Female Sonia Pandey in Gorakhpur
सोनिया पांडे पहले राजेश थे (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

रेलवे के रिकॉर्ड में मार्च 2020 में एक नया इतिहास दर्ज हो गया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि लिंग परिवर्तन के आधार पर पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में कार्यरत राजेश कुमार अब यहां सोनिया पांडे के नाम से नौकरी कर रही हैं। सोनिया ने महिला होने के अधिकार की लड़ाई 27 महीने तक लड़ी। मुख्य कारखाना प्रबंधक (कार्मिक) ने 4 मार्च को रेलवे के अभिलेखों में लिंग व नाम परिवर्तन का आदेश जारी कर दिया। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें इनके संघर्षों की कहानी...



 

Railway Male Employee Rajesh Change Gender Into Female Sonia Pandey in Gorakhpur
अपनी मां के साथ सोनिया। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

राजेश उर्फ सोनिया पांडे की कहानी बड़ी दिलचस्प है। पिता रेलकर्मी थे, उनकी मृत्यु के बाद 2013 में मृतक आश्रित कोटे पर राजेश की नौकरी लग गई। इज्जतनगर के मुख्य कारखाना प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत तकनीकी ग्रेड-एक के पद पर तैनाती मिली। बकौल सोनिया, मुझसे बड़ी चार बहने हैं। मेरी मर्जी के खिलाफ 2012 में शादी हुई। मेरे अंदर महिलाओं जैसे व्यवहार आने लगे। पहले तो बहुत परेशान हुई लेकिन निर्णय लिया कि लिंग परिवर्तन कराऊंगी। मैंने पत्नी को समझाया और हम मर्जी से अलग हो गए।


 
Railway Male Employee Rajesh Change Gender Into Female Sonia Pandey in Gorakhpur
तीन साल पहले राजेश बना था सोनिया। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

10 दिसंबर 2017 में करवा ली सर्जरी
सोनिया के मुताबिक पत्नी से तलाक लेने के बाद दिल्ली में सेक्सोलॉजिस्ट से मिली तो उन्होंने सर्जरी करवाकर लिंग परिवर्तन की सलाह दी। पहले तो घरवाले तैयार नहीं थे। उन्हें बहुत समझाना पड़ा। फिर समाज का ताना अलग से। लेकिन मैं टूटी नहीं। मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया। इसमें दोस्तों ने मदद की। 10 दिसंबर 2017 को सर्जरी करवाकर वापस बरेली आ गई। फरवरी के पहले सप्ताह में रेलवे ने राजेश के पास और मेडिकल कार्ड पर लिंग महिला दर्ज कर दिया।



 

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सोनिया पांडे। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

मेडिकल बोर्ड से हुई राह आसान
सोनिया के मुताबिक मेडिकल बोर्ड की जांच से उनकी राह आसान हुई। पहले तो अधिकारियों ने मना कर दिया था। मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि उनमें भौतिक रूप से जेंडर डिस्फोरिया (एक लिंग से दूसरे लिंग की चाह) है। ऐसा हार्मोन के बदलाव से होता है।

 

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Railway Male Employee Rajesh Change Gender Into Female Sonia Pandey in Gorakhpur
राजेश पांडे बने सोनिया। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
बैंक अकाउंट नहीं खुला
लिंग परिवर्तन के बाद सोनिया के सामने कई संकट खड़े हो गए। उनका बैंक अकाउंट, आधार कार्ड में राजेश पांडे नाम था। वे बताती हैं, मैं अपना पर्सनल बैंक अकाउंट खोलना चाहती थी। काफी कोशिश के बाद आधार कार्ड में नाम बदल गया है लेकिन मेरे एकाउंट वाले खाते में राजेश पांडे वाला आधार लिंक है। बैंक में जब आवेदन किया तो कैंसल कर दिया गया। बताया गया कि एक ही फिंगर प्रिंट से दो नाम शो कर रहा है।

 
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