ऑक्सीजन की किल्लत के बीच यह खबर राहत पहुंचाने वाली है कि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र के मोदी केमिकल्स कंपनी में और एक हजार सिलिंडर ऑक्सीजन गैस का उत्पादन होने लगा है। शनिवार देर रात से इसकी शुरुआत भी हो गई। अब लगातार इसके ऐसे ही बने रहने की संभावना है। गोरखपुर में फिलहाल मोदी केमिकल्स और आरके ऑक्सीजन में ही ऑक्सीजन गैस का उत्पादन एवं रिफिलिंग की जाती है।
राहत: मोदी केमिकल्स में बढ़ा 1000 ऑक्सीजन सिलिंडर का उत्पादन, इन्हें मिलेगा मुफ्त ऑक्सीजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला प्रशासन वर्षों से बंद अन्नपूर्णा ऑक्सीजन को फिर से शुरू कराने की कवायद में जुटा है। इसके बाद यहां ऑक्सीजन उत्पादन की मात्रा में और इजाफा हो जाएगा। मोदी केमिकल्स के एक प्लांट में हवा से ऑक्सीजन समेत अन्य गैस बनाई जाती है तो दूसरे प्लांट में क्रायोजेनिक टैंकर के जरिए ऑक्सीजन गैस मंगाकर रिफिलिंग की जाती है।
आरके ऑक्सीजन में भी राउरकेला से ऑक्सीजन गैस मंगाकर रिफिलिंग की जाती है। वैसे इस प्लांट की क्षमता एक हजार सिलिंडरों की है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन समेत अन्य गैसें भी शामिल हैं। शनिवार दोपहर तक मोदी केमिकल्स के दोनों प्लांटों में 800-800 सिलिंडर ऑक्सीजन का उत्पादन होता था, लेकिन देर शाम कुछ तकनीकी बदलाव करके उत्पादन क्षमता 1000 सिलिंडर बढ़ाकर अब 2600 कर दिया गया है।
मोदी केमिकल्स के निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया कि मोटर की आरपीएम क्षमता में बढ़ोतरी की गई है। शनिवार देर रात से ऑक्सीजन गैस उत्पादन और रिफिलिंग की क्षमता में 1000 ऑक्सीजन सिलिंडर गैस का इजाफा कर दिया गया है। रविवार से दोनों प्लांटों में कुल मिलाकर 2500 से 2600 सिलिंडर ऑक्सीजन गैस का उत्पादन और रिफिलिंग शुरू हुआ है। प्लांट में दो घंटे का ब्रेक लिया जाता है, उसे भी खत्म कर उत्पादन में और बढ़ोतरी करने की कोशिश की जाएगी।
मुफ्त ऑक्सीजन देगा मोदी केमिकल्स
लगातार बढ़ते संक्रमण के मामले और ऑक्सीजन गैस की कमी के बीच मोदी केमिकल्स की ओर से एक राहत भरी खबर आयी है। मोदी केमिकल्स ने कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन वाले मरीजों को छोटे सिलिंडर में मुफ्त ऑक्सीजन गैस देने का फैसला लिया है। जरूरतमंदों को खाली सिलिंडर और एक पहचान पत्र लेकर फैक्टरी जाना होगा।