राप्ती नदी के किनारे मूर्ति विसर्जन के लिए खोदे गए पोखरे में नर्सिंग छात्रा का शव मिलने पर भाई ने इसे आत्महत्या करार दिया था। पुलिस भी प्रथम दृष्टया इसे खुदकुशी ही मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही सारी थ्योरी पलट गई। छात्रा की हत्या गला दबाकर की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी यूपी पुलिस की थ्योरी, चौंकाएगा नर्सिंग छात्रा की मौत का असली सच
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जानकारी के मुताबिक, मूलत: बेलघाट क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी प्रेम नरायण सिंह सिंचाई विभाग में ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। परिवार के साथ बेतियाहाता में किराए के कमरे में रहते हैं। तीन फरवरी की दोपहर में दाउदपुर स्थित एक नर्सिंग होम में इंटरव्यू की बात कह कर तान्या घर से निकली। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों ने तलाश शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को उसका शव मूर्ति विसर्जन के लिए खोदे गए पोखरे में मिला।
पुलिस और परिवार के लोग इसे आत्महत्या बता रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। हालांकि गीडा पुलिस का कहना है कि उसने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ी नहीं है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गौर हो, कि मूलत: बेलघाट क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी प्रेम नरायण सिंह सिंचाई विभाग में ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। परिवार के साथ बेतियाहाता में किराए के कमरे में रहते हैं। दो बेटी और एक बेटा में बड़ी तान्या थी। वह गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग से नर्सिंग का डिप्लोमा कोर्स भी की थी। तीन फरवरी की दोपहर में दाउदपुर स्थित एक नर्सिंग होम में इंटरव्यू की बात कह कर वह घर से निकली। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों तलाश शुरू कर दी। जब उसका कहीं पता नहीं चला तो उन्होंने मंगलवार को कैंट थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई।
इस बीच बृहस्पतिवार को राप्ती नदी के किनारे कृत्रिम पोखरे में युवती का शव मिलने की सूचना मिली। नौसड़ चौकी प्रभारी विनय कुमार मिश्र पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पोखरे से शव निकलवाया गया। बगल में मिले पर्स में उसका आधार कार्ड, नर्सिंग कोर्स का आई कार्ड, 50 रुपये का नोट और पांच रुपये के सिक्के के साथ चार फोटो बरामद हुई। बहन का शव मिलने की सूचना पर छोटा भाई आदित्य प्रताप सिंह मौके पर पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि बहन तीन फरवरी की दोपहर में घर से निकली। कुछ देर बाद उसके व्हाट्सअप पर कलाई की नस काटने का फोटो भेजा। जब देर शाम तक वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
शरीर पर चोट के निशान नहीं
पुलिस के मुताबिक, शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं है। बायीं कलाई पर खुद से काटे जाने के निशान भी है, जिसका फोटो उसने भाई के व्हाट्सएप पर भेजा भी था। मगर घरवालों ने थाने में इसकी सूचना नहीं दी थी।
कैंपियरगंज सीओ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला खुदकुशी का लग रहा है। शरीर पर चोट के निशान नहीं है। बाई कलाई पर काटे जाने के निशान हैं, जिसका फोटो उसने भाई को भेजा भी था। हर पहलू पर पुलिस जांच कर रही है।