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Exclusive: गोरखपुर के छोटे अस्पतालों में गहराया ऑक्सीजन का संकट, नहीं भर्ती हो पा रहे हैं मरीज

Thu, 22 Apr 2021 12:58 PM IST
vivek shukla संतोष सिंह, गोरखपुर।
संतोष सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 22 Apr 2021 12:58 PM IST
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Oxygen crisis deepens in small hospitals in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

ऑक्सीजन का संकट गोरखपुर के छोटे अस्पतालों में गहराने लगा है। कोविड कमांड सेंटर ने बुधवार रात आठ बजे तक की जो रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी है, उसके मुताबिक शहर के कई छोटे हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन नहीं है। 30 बेड वाले बाम्बे हॉस्पिटल में ही ऑक्सीजन नहीं है। इस अस्पताल में कोरोना के 28 मरीज भर्ती हैं। दो बेड खाली हैं। ऑक्सीजन की कमी की वजह से बुधवार की रात आठ बजे तक मरीज भर्ती नहीं किए गए थे।



 

Oxygen crisis deepens in small hospitals in Gorakhpur
ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोविड कमांड सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइड हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन नहीं है। 30 बेड वाले इस हॉस्पिटल में 27 मरीज भर्ती हैं। 20 बेड वाले सिटी हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। इसमें कोरोना के 12 मरीज भर्ती हैं। दिव्यमान हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन न होने की रिपोर्ट भेजी गई है। 20 बेड वाले इस हॉस्पिटल में कोरोना के 19 मरीज भर्ती हैं। 30 बेड वाले पूर्वांचल मेट्रो सिटी हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन की उपलब्धता नहीं है। इस हॉस्पिटल में कोरोना के 20 मरीज भर्ती हैं। हॉस्पिटल प्रबंधन की तरफ से जल्द ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की गुजारिश की गई है। इन हॉस्पिटलों में कुछ बेड खाली हैं, लेकिन ऑक्सीजन कमी की वजह से मरीज नहीं भेजे जा रहे हैं।


 
Oxygen crisis deepens in small hospitals in Gorakhpur
oxygen - फोटो : amar ujala

बड़े अस्पतालों के पास ऑक्सीजन का बैकअप
शहर के बड़े अस्पतालों के पास ऑक्सीजन का बैकअप है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और पनेशिया सुपर स्पेशियालिटी से ऑक्सीजन की कमी की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। इन अस्पतालों में कई जगह से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा रही है। ऑक्सीजन का अच्छा बैकअप भी है।

गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों में जगह नहीं
गोरखपुर के ज्यादातर कोरोना अस्पतालों में जगह नहीं है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 500 बेड भर चुके हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए भी जगह नहीं बची है। वेंटिलेटर युक्त सभी बेड भरे हैं। कोविड कमांड सेंटर को भी मरीज भर्ती कराने में दिक्कत आ रही है। ठीक यही हाल शहर के दूसरे बड़े कोविड हॉस्पिटल पनेशिया का है। इस हॉस्पिटल में 96 बेड हैं। एक भी बेड खाली नहीं है। वेंटिलेटर युक्त बेड भी फुल हैं।
 

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Oxygen crisis deepens in small hospitals in Gorakhpur
ऑक्सीजन गैस - फोटो : amar ujala

एल-2 के हॉस्पिटलों में भी दिक्कत
शहर में एल-2 (जिस हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की व्यवस्था हो) मरीजों के लिए भी ज्यादा बेड नहीं बचे हैं। सबसे ज्यादा 49 बेड टीबी अस्पताल में खाली हैं। टीबी अस्पताल में अव्यवस्था का बोलाबाला है। लिहाजा, कोरोना संक्रमित व उनके परिजन टीबी अस्पताल से दूरी बना रहे हैं। जो मरीज भर्ती हैं, वह खुद को डिस्चार्ज कराके निजी अस्पतालों में जा रहे हैं। टीबी अस्पताल प्रशासन ने साफ कह दिया है कि जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 90 या उससे ऊपर होगा, उन्हीं को भर्ती किया जाएगा। इससे दिक्कत और बढ़ गई है।  इस श्रेणी के तीन हॉस्पिटल अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। इसमें रेलवे अस्पताल, राजबंशी हॉस्पिटल व एयरफोर्स हॉस्पिटल का नाम शामिल है।

 

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Oxygen crisis deepens in small hospitals in Gorakhpur
ऑक्सीजन गैस - फोटो : amar ujala

गंभीर मरीजों को दूसरी जगह जाने की सलाह
फातिमा हॉस्पिटल की सभी 54 बेडों पर मरीज भर्ती हैं। जिन मरीजों की स्थिति गंभीर हो रही है, उन्हें दूसरी जगह जाने को कहा गया जा रहा है। बुधवार को एक मरीज का ऑक्सीजन लेवल-70 हो गया तो अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल दूसरी जगह जाने की सलाह दी। यह भी कहा कि मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। अब मरीज व उसके परिजन हलकान हैं। खबर लिखे जाने तक शहर का कोई हॉस्पिटल इस मरीज को भर्ती करने को तैयार नहीं था।

 

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