पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाने को लेकर घासीकटरा में शुक्रवार दोपहर तीन घंटे से अधिक समय तक जमकर हंगामा हुआ। पाइपलाइन का विरोध कर रही एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगाने की धमकी देनी शुरू कर दी तो उसकी बेटी ने चाकू निकालकर खुद के साथ ही तहसील प्रशासन और पुलिस की टीम पर वार करने की धमकी दे डाली। स्थिति बिगड़ती देख एक बार टीम मौके से भाग खड़ी हुई। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस वालों के साथ पहुंचे सदर तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित ने काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को शांत कराया। जैसे ही दोनों बंद कमरे से बाहर आईं पुलिस ने उन्हें काबू में कर लिया और थाने ले गई। इसके बाद आनन-फानन में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक पूरा हो गया।
यूपी: खुद को कमरे में बंद कर मां बोली आग लगा लूंगी, बेटी ने निकाला चाकू...अफसरों के होश उड़े
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टीम जैसे ही मौके पर पहुंची रजिया और उसकी बेटी समन ने विरोध शुरू कर दिया और टीम से भिड़ गईं। टीम के सदस्यों ने सख्ती शुरू की तो दोनों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। मां ने केरोसिन की बोतल उठा ली तो बेटी ने बड़ा सा चाकू निकाल लिया। सूचना पाकर मौके पर फोर्स और बढ़ाई गई। सदर तहसीलदार भी पहुंचे। काफी देर तक तहसीलदार और पुलिस ने दोनों को बातों में उलझाए रखा। जैसे ही वे कमरे से बाहर निकलीं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर तिवारीपुर थाने भेज दिया।
टीम पर हमला, पति-पत्नी और बेटी जेल भेजे गए
तीन घंटे से अधिक समय तक हंगामा काटने वाली रजिया, उसके पति मेराज और बेटी समन पर सरकारी कर्मचारी पर हमला, धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। यह पहला मौका नहीं है जब मां-बेटी, सरकारी कर्मचारियों और अफसरों से भिड़ गई हों। तीन साल के बीच में कई बार जल निगम के इंजीनियर और कर्मचारी, पाइपलाइन बिछाने पहुंचे मगर हर बार उन्हें विरोध झेलना पड़ा था। कई बार तो पुलिस भी पहुंची थी मगर उन्हें भी पीछे हटना पड़ा। एसओ तिवारीपुर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
भारी विरोध के बाद भी शुक्रवार को जब पाइपलाइन बिछने के साथ ही सीवर वाली नाली बंद कर दी गई तो मोहल्ले वालों ने खुशी जताई। उन्होंने सदर तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित और पुलिस टीम के प्रति भी आभार व्यक्त किया। मोहल्ले वालों का कहना था कि रजिया ने गुलशन की पाइप लाइन तो रोक ही रखी थी कई लोगों के घरों के सामने गंदा पानी भी गिरा रही थी।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि तीन साल से पीने के पानी की पाइपलाइन नहीं बिछ पा रही थी। मोहल्ले की ही एक महिला और उसकी बेटी हमेशा विरोध करती थीं। मौके पर तहसील के अफसरों और पुलिस की टीम भेजी थी। दोनों ने फिर विरोध शुरू कर दिया था। खुद को कमरे में बंद कर आग लगाने और चाकू से हमला करने की धमकी दे रहे थे। सूझबूझ से पहले किसी तरह दोनों को बाहर निकाला गया फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पाइपलाइन बिछा दी गई है।