रोजी रोटी के चक्कर अपने देश को छोडकर भारत के विभिन्न शहरो में काम करने वाले नेपाली नागरिक अपने घर लौट रहे हैं। कोरोना महामारी में कामधंध बंद हुआ तो सभी ने घर जाना ही मुनासिब समझा। रास्ते में दुख दर्द झेलते सोनौली सरहद तक पहुंचे तो बार्डर सील होने के कारण प्रवेश में परेशानी हुई। लेकिन जैसे जैसे नेपाली प्रशासन ने अनुमति दी। धीरे धीरे नेपाली नागरिक सरहद पार होते गए। हालांकी नेपाल में प्रवेश को लेकर नेपाली नागरिको ने कई बार हंगामा भी किया। तब जाकर उन्हें प्रवेश में देने में तेजी आई।
लॉकडाउन में नौकरी गई तो घर की ओर निकले कदम, जानें कितने नेपाली नागरिक हुए सरहद पार
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बीते 25 अप्रैल से 24 मई 2020 तक देश के विभिन्न स्थानो से क्वारंटीन की अवधि पूरी कर स्वास्थ्य सर्टिफिकेट लेकर सोनौली सीमा पर पहुंचे 1699 नेपाली नागरिकों प्रवेश मिला। वहीं इस दो माह में सरहद तक पहुंचने पर क्वारंटीन में रहने वाले 2159 नेपाली नागरिक भी अपने घर जा चुके हैं। प्रशासन की तरफ से नेपाली नागरिको के रहने खाने की बेहतर व्यवस्था भी गई है। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हर संभव मदद की। पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके देखभाल में तैनात रहती है।
क्षेेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने बताया कि लाकडाउन के दौरान सीमा तक पहुंचे 4736 नेपाली नागरिको को नेपाल भेज दिया गया है। सरहद पर नेपाली नागरिको के आने का क्रम जारी है। उनके रहने खाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। नेपाल के शसस्त्र पुलिस रूपनदेही डीएसपी मान बहादुर शाही ने बताया कि 4736 नेपाली नागरिक नेपाल में आ चुके हैं। यह सभी भारते के विभिन्न शहर में काम करते थे। लाकडाउन के बाद सभी अपने घर आ रहे हैं। क्रमशः धीरे धीरे सभी नेपाली नागरिको को प्रवेश दिया जा रहा है।
भारत विभिन्न शहर से नेेपाल जाने के लिए लौटे लोगों को सोनौली सीमा से अलग अगल तिथियों में नेपाल प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद भेजा गया। 25 अ्रपैल को 296 लोग, 13 मई को 482, 15 मई को 238, 16 मई को 165, 19 मई को 435, 20 मई को 110, 22 मई को 1096 एवं 23 मई को 1036 नेपाली नागरिक नेपाल गए।
ज्यादातर इन जिले के रहने वाले हैं नेपाली नागरिक
लाकडाउन के बाद काम धंधा बंद होने पर देश के विभिन्न स्थानो से लौटे नेपाली नागरिक नेपाल के करीब 12 जिलो के नागरिक बताए गए। इनमें से ज्यादातर नेपाल के सायन्जा, पाल्पा, गुल्मी, काठमांडू, चितवन, रूपनदेही, नवलपरासी, अर्धखाची, रुकुम, दांग, गोर्खा, नवलपुर जिले के विभिन्न गांवो एवं शहरो में रहते हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर, बनारस, प्रयागराज, सोनभद्र, गोरखपुर, लखनऊ, सहित दिल्ली, गुजरात, आंध्रप्रदेश, बंगाल , बिहार, पुणे, महाराष्ट्र , मुंबई, बैंगलोर, मध्यप्रदेश में नेेपाली नागरिक काम करते थे। ज्यादातर इन्ही स्थानों या प्रांत में काम करते थे। लाकडाउन के बाद काम बंद हुआ तो घर के लिए चल दिए।
क्वारंटीन में रहने वालों भी गए नेपाल
क्वारंटीन सेंटर नौतनवां में अभी 228 नेपाली नागरिक रहे। इन सभी को रविवार की देर शाम नेेपाल भेज दिया गया। नेपाल जाने के दौरान सभी ने खुशी जाहिर की।
रविवार की सुबह से सोनौली कस्बे में करीब 500 नेपाली नागरिक पहुंचे। उन्हें सोनौली के बस डिपो में ठहराया गया। इसके बाद दोपहर में 150 नेपाली नगरिक और आ गए। जिन्हे रूपंदेही प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद शाम को नेपाल भेज दिया गया।
सुविधा बेहतर मिली तो किए प्रशंसा
नौतनवां एवं सोनौली कस्बे के क्वारंटीन सेंटर में रूकने वाले नेपाली नागरिक महराजगंज जिला प्रशासन एवं पीएम मोदी की प्रशंसा भी कर चुके हैं। क्योंकी क्वारंटीन सेंटर में उनकी हर सुख सविधा का ख्याल रखा गया। बीते माह नेपाली नागरिक नौतनवां के क्वारंटीन स्थल पर रूकने के दौरान ताली बजाकर पीएम मोदी की सराहना की।