छठ महापर्व को लेकर पर्व के दूसरे दिन रविवार को महिलाओं ने खरना किया। दिन भर व्रत रहकर शाम को पूजा-अर्चना कर गुड़ की खीर व रोटी ग्रहण किया। इसके बाद घर वालों ने इसे प्रसाद के रूप में खाया। इसके बाद से ही 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू हो गया।
Chhath Puja: कांच ही बांस के बहंगिया...बहंगी लचकत जाय, जानिए कब अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 27 Oct 2025 10:09 AM IST
सार
मंगलवार को उगते सूर्य को सुबह 06:25 बजे अर्घ्य दिया जाएगा।महिलाओं ने रविवार को घरों में छठ माता के गीतों के साथ ही पर्व की तैयारी की। इस दौरान ‘कांच ही बांस के बहंगिया... बहंगी लचकत जाय’ जैसे छठ गीत भी गूंजते रहे।
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