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पत्नी के बचपन के शौक को पूरा करने के लिए पति ने किया ये त्याग, अब फूलों की सुगंध से महकता है पूरा घर

Mon, 10 Aug 2020 05:39 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 10 Aug 2020 05:39 PM IST
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Husband made sacrifice to fulfill wife childhood planting saplings hobbies
बागवानी के शौक देख छोड़ दिया फ्लैट बनाने का विचार। - फोटो : अमर उजाला।

बागवानी के बचपन के शौक को गोरखपुर के अलहदादपुर निवासी अनिता श्रीवास्तव ने शादी के बाद धरती पर साकार कर दिया। अनिता के शौक को देखते हुए उनके पति सिविल कोर्ट में अधिवक्ता हरिनंदन श्रीवास्तव ने घर के आगे बनाए जाने वाले फ्लैट के निर्माण का विचार छोड़ दिया। अब घर के बाहर विकसित अनिता के उपवन में तरह-तरह के फूल खिले रहते हैं। इसी में वह मौसमी सब्जियां भी उगाती हैं।

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पौधों की सिंचाई करतीं अनिता श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।

अनिता ने अपनी लगन और मेहनत से 1200-1200 स्क्वायर फीट के दो खाली प्लाट को सुंदर बगीचे और लॉन के रूप में विकसित किया है। उनका परिवार सुबह-शाम इस गार्डेन में टहल कर खुद को स्वस्थ रखता है। बागवानी के साथ ही समाजसेवा में भी रुचि रखने वाली अनिता की बगिया में विभिन्न रंगों के गुड़हल, गुलाब, चांदनी, बेला, रातरानी, हरश्रृंगार सरीखे मनमोहक फूल शोभा बढ़ाते हैं।

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अनिता श्रीवास्तव की बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।

अनिता की बगिया में आम, अमरूद, अनार, केला, पपीता, आंवला, नींबू और बेल जैसे फलदार पेड़ भी यहां मौजूद हैं। बगिया में अशोक, बाटल पाम, एरिका पाम, एक्समस ट्री, मोरपंखी तुलसी, सफेद मदार, शमी, कनेर,  कैक्टस आदि के पेड़ भी हैं। कुछ हिस्से में मौसमी हरी सब्जियां उगाती हैं। इसके अलावा 150 गमलों में रंग बिरगें पौधे घर की छत और बरामदों की शोभा बढ़ाते हैं।

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पौधों की देखभाल करती रीता सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

व्यवसाय के साथ-साथ ही पूरा कर रहीं बागवानी का शौक
बागवानी का शौक पूरा करने के लिए रीता सिंह ने छत को गार्डेन के रूप में विकसित किया है। 1500 स्क्वायर फीट की इस गार्डेन में गुलाब, कैक्टस, रजनीगंधा, गेंदा, गुलाब के साथ औषधीय पौधों की विभिन्न प्रजातियों का संग्रह है। उन्होंने बताया कि कुशीनगर में पिता विजय शंकर मल्ल से उन्होंने बागवानी का ककहरा पढ़ा।

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पौधों की देखभाल करती रीता सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

32 साल पहले शादी के बाद जब पति श्रीप्रकाश सिंह के घर पहुंचीं तो यहां न केवल उनके व्यवसाय में हाथ बंटाया बल्कि बागवानी के शौक को भी पूरा किया। अब व्यवसाय के सिलसिले में रीता सिंह जहां भी जाती हैं वहां से अपने गार्डेन के लिए कोई न कोई पौधा जरूर लेकर आती हैं।

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