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Gorakhpur Monsoon: गोरखपुर में हुई झमाझम बारिश, किसानों ने ली राहत की सांस

Sat, 09 Jul 2022 04:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 09 Jul 2022 04:02 PM IST
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Heavy rain start in Gorakhpur city and Rural
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में शनिवार दोपहर में तेज बारिश हुई। इस झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई। बता दें कि शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। इस बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गोरखपुर में मानसून ने दस्तक दे दिया है। रविवार को भी बारिश होने का अनुमान है।





 

Heavy rain start in Gorakhpur city and Rural
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में जून महीने के अंत में 111 मिमी से अधिक बारिश हुई थी। इस बारिश से शहर के हर मोहल्ले में जलभराव हो गया था। वहीं निचले इलाकों की हालत और भी खराब हो गई थी। शहर में जलजमाव होने से नगर निगम के अधिकारी हांफते नजर आए। नगर निगम पंप की सहायता से पानी निकालने में जुटी रही।

 

Heavy rain start in Gorakhpur city and Rural
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

बारिश से किसानों में खुशी छा गई। क्षेत्र के चिउटहा, भिसवा, बंचरा, नबीपुर सहित अन्य गांवों में धान की रोपाई शुरू कर दी गई है। कैंपियरगंज प्रतिनिधि के अनुसार पूरे क्षेत्र में झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। खेती-किसानी में भी तेजी आ गई। गन्ने की फसल को संजीवनी मिली। साथ ही धान की रोपाई भी तेज हो गई। जिन किसानों ने धान की रोपाई का काम पूरा कर लिए उन्हें भी कुछ दिनों के लिए सिंचाई से फुर्सत मिल गई। उधर, बारिश के चलते आधी रात से दोपहर तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। क्षेत्र के किसान सुधीर पांडेय, घनश्याम, राघवेंद्र सिंह, उमाशंकर आदि ने कहा बारिश से धान की खेती में लागत कम हो गई।

 

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Heavy rain start in Gorakhpur city and Rural
Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

सामान्य तौर पर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से मानसून की बारिश होती है। लेकिन, इस बार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र बिहार आते-आते कमजोर पड़ गया।  पुरवा हवा का साथ नहीं मिलने से मानसून का सिस्टम पूर्वी उत्तरप्रदेश तक नहीं पहुंच पाया।   पुरवा हवा बंगाल से निकलने के बाद असम की ओर से मुड़ गई। इस वजह से असम में अच्छी खासी बारिश हुई है।

 

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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला

2018 में 27 जून को हुई थी मानसून की दस्तक

मौसम विज्ञानी ने बताया कि  चार साल बाद मानसून आने में इतनी देरी हुई है। साल 2018 में मानसून की दस्तक 27 जून को हुई थी। बीते वर्ष 17 जून को मानसूनी बारिश हुई थी। बीते तीन वर्ष में मानसून आने में उत्तरोत्तर देरी हुई है। पूर्वी उतर प्रदेश में मानसूनी बारिश की आदर्श तिथि 15 जून है। जो इस बार 27 जून को हुई है।

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