गोरखपुर के गोला इलाके के खिरकिटा दुबे के सत्यम (24) की पुरानी रंजिश में चार आरोपियों ने चाकू से गोदकर हत्या की थी। घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए खून के निशान भी आरोपियों ने साफ किए थे।
इसके बाद एक आरी से सत्यम के शव के टुकड़े कर रहे थे, ताकि नदी में फेंक सकें, लेकिन पैर काटते समय हड्डी से टकराकर ब्लेड टूट गया। इसके बाद शव को गेहूं के खेत में छोड़कर आरोपी भाग गए।
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युवक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सत्यम हत्याकांड का पर्दाफाश
गोला पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में चार आरोपियों खिरकिटा दीगर के अमरदीप शर्मा, जोगिंदर उर्फ योगेंद्र शर्मा, बृजमोहन शर्मा और हेमंत उर्फ मोनू शर्मा का नाम सामने आया है। सोमवार को गोला क्षेत्र से दो आरोपियों अमरदीप शर्मा और जोगिंदर उर्फ योगेंद्र शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने उनके पास से एक चाकू और फावड़ा बरामद किया है। बृजमोहन और हेमंत उर्फ मोनू की गिरफ्तारी के लिए गोला पुलिस के साथ ही एसओजी टीम लगी है।
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मौके पर पुलिस और अन्य लोग
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अमरदीप के हाथ में दांत से काट लिया था सत्यम
सीओ गोला मनोज पांडेय ने बताया कि सत्यम आरोपियों की दो बार पिटाई कर चुका था। इसमें गोला थाने में सत्यम के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। आरोपियों का 2023 में होली के दिन सत्यम से झगड़ा हुआ था। इसको लेकर 2024 में दो बार सत्यम ने आरोपियों को पीटा था। इसके बाद से ही वे बदला लेना चाह रहे थे।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार रात सत्यम को अकेला देखकर मोनू ने अमरदीप और अन्य आरोपियों को बुलाया था। इसके बाद पहला चाकू अमरदीप ने चलाया तो सत्यम ने उसे पकड़कर हाथ में काट लिया था। फिर चारों ने मिलकर सत्यम पर हमला कर दिया। बृजमोहन और जोगिंदर ने सत्यम को पकड़ लिया। अमरदीप और मोनू ने चाकू से वार किया। सड़क पर मारने के बाद सत्यम का शव घसीटकर गेहूं के खेत में ले गए।
इसके बाद सभी आरोपी घर चले गए। घर पर कपड़ा बदलने के बाद खाना खाकर रात 12 बजे चारों फिर फावड़ा व आरी लेकर खेत में आए। पहले फावड़े से सड़क पर गिरा खून साफ किया। इसके बाद शव को टुकड़ों में काटकर नदी में फेंकने के लिए आरी से काटने लगे, लेकिन आरी टूट गई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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आरोपी बोले- घर से बाहर निकलने पर आती थी शर्म
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों अमरदीप शर्मा और जोगिंदर उर्फ योगेंद्र शर्मा ने बताया कि सत्यम दो बार उन्हें पीट चुका था। इससे गांव में निकलने पर शर्म आती थी। सत्यम के सामने आने पर सिर झुक जाता था। कई दिनों से घुट-घुट कर जी रहे थे, इसलिए सत्यम को मार दिया।