कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम करने के उद्देश्य से दो दिवसीय लॉकडाउन के पहले दिन शनिवार को सभी दुकानें, बाजार और दफ्तर बंद रहे तो दूसरी तरफ सड़कों पर चहल-पहल बनी रही। कुछ एक चौराहों, सड़कों पर छोड़ कहीं पुलिस ने किसी को रोका-टोका नहीं। प्रशासन और पुलिस का पूरा जोर दुकानें और बाजार बंद कराने के साथ ही साथ इसपर भी रहा कि कहीं किसी स्थान पर दो-चार से अधिक लोग एकत्रित न होने पाएं।
Lockdown: बाजार बंद होने के बाद भी सड़कों पर घूमते मिले लोग, चहल-पहल बनी गोरखपुर की समस्या
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल, एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव, एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह, एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ और सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव समेत सभी आला अफसर लगातार निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेते रहे। महेवा सब्जी मंडी और दवा की थोक मंडी भालोटिया बंद रही तो वहीं गांवों में सभी हाट-बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
डीएम ने विभिन्न इलाकों में निरीक्षण के दौरान पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जागरूक भी किया। उन्होंने सभी से घरों में रहने और इमरजेंसी की दशा में ही बाहर निकलने की अपील की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि रविवार को भी पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। किसी ने भी दुकान या प्रतिष्ठान खोला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
रेलवे स्टेशन : गांव वालों को बसें मिलीं, शहर वाले पैदल चले
लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन आने-जाने वालों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहा। हालांकि ऑटो व रिक्शा नहीं चलने से जिन लोगों को ट्रेनों से उतरकर शहर के किसी इलाके में जाना था, उन्हें पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वालों को विशेष दिक्कत नहीं हुई, सिवाय थोड़े इंतजार के। उन्हें रोडवेज से बसें मिल गईं। रोडवेज की बसें पूर्व की ही तरह अपनी सभी रूटों पर निकलीं, मगर यात्री कम होने की वजह से उनकी संख्या कम रही।
एयरपोर्ट : 530 यात्री आए, 446 गए
विमानों का संचलन भी पहले की ही तरह हुआ। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद से कुल 530 यात्री आए तो वहीं गोरखपुर से 446 यात्रियों ने उड़ान भरी। ज्यादातर यात्री अपने निजी वाहन से एयरपोर्ट पहुंचे। इसके अलावा एयरपोर्ट से टैक्सी का भी संचालन हुआ, जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।