फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

निर्भया के दोषियों की फांसी पर बोलीं महिलाएं-दुष्कर्म के बारे में सोचने वालों की भी रूह कांपनी चाहिए

Wed, 08 Jan 2020 12:18 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Wed, 08 Jan 2020 12:18 PM IST
विज्ञापन
gorakhpur ladies reaction after nirbaya case convicted death varant, expert comments also
निर्भया - फोटो : self
बेटी से दरिंदगी की ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए। जिस बेटी को माता-पिता ने लाड-प्यार से पाला था, उसे अपनी हवस का शिकार बनाया गया, फिर मौत के घाट उतार दिया। अदालत का यह फैसला नजीर बनेगा।


बेटियों से दरिंदगी की सोचने वालों की भी रूह कांप जाए, ऐसी व्यवस्था बनानी होगी। डेथ वारंट जारी करना इसी दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश के हर मां-बाप को खुशी मिली है।
gorakhpur ladies reaction after nirbaya case convicted death varant, expert comments also
बबिता गुप्ता, नंदनी, रुक्मिणी शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के माता-पिता को इंसाफ मिल गया। दुष्कर्म के मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की जरूरत है। दुष्कर्मियों को फांसी के अलावा कोई भी दूसरी सजा नहीं मिलनी चाहिए ताकि महिला अपराध की सोच रखने वालों में भय व्याप्त हो।  
- बबिता गुप्ता, गृहिणी

न्यायालय को सजा देने में समय तो लगा लेकिन जो फैसला आया वह स्वागत योग्य है। यह बहुत ही अच्छा निर्णय है। दोषियों को फांसी मिलने से निर्भया की आत्मा को शांति मिलेगी। हर मां-बाप इस घटना से स्तब्ध थे। सबको इसी तरह के फैसले की उम्मीद थी। - नंदनी, गृहिणी

दुष्कर्म जघन्य अपराध है। दोषियों को फांसी की सजा मिलना समाज के अराजक तत्वों के लिए एक संदेश है। ऐसे फैसलों से अपराधियों में डर व्याप्त होगा और वे ऐसे कृत्य करने से पहले हजार बार सोचेंगे। मौत सामने होगी तो दुस्साहस नहीं करेंगे।
- रुक्मिणी शुक्ला, शिक्षिका
 
gorakhpur ladies reaction after nirbaya case convicted death varant, expert comments also
आराधना गुप्ता, सपना पांडेय, पूजा पांडेय - फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म के दोषियों का डेथ वारंट जारी होने में 85 महीने लग गए, जबकि ये मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में था। ऐसे मामलों में सजा मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। इससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और वह बचने के तमाम तरीके ढूंढते हैं।
- आराधना गुप्ता, संगीत शिक्षिका

निर्भया कांड के दोषियों का डेथ वारंट जारी होने की खुशी है। देर से आया, दुरुस्त फैसला है। ऐसे गुनाहगारों को फांसी ही होनी ही चाहिए। हम दुष्क र्म पीड़ित महिलाओं के लिए काम करते हैं। हम उनकी तकलीफ को समझते हैं।
- सपना पांडेय, दिव्य चिराग एजूकेशन, चिलमापुर

यह तो होना ही था। निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख तय होने से खुश हूं। न्याय मिलने में थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन अंत भला तो सब भला। सभी महिलाएं इससे खुश हैं। आशा ज्योति केंद्र में भी कुछ दुष्कर्म पीड़ित महिलाएं आई थीं। इन सबको कानूनी सहायता दी गई।
- पूजा पांडेय, प्रबंधक आशा ज्योति केंद्र, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन
gorakhpur ladies reaction after nirbaya case convicted death varant, expert comments also
- फोटो : अमर उजाला
समाज में मजबूत संदेश जाएगा
निर्भया कांड जैसे जघन्य अपराध में ऐसे ही दंड होने चाहिए। इस फैसले से समाज में विकृत मानसिकता वालों के बीच एक कड़ा संदेश जाएगा कि अगर इस तरह का अपराध करेंगे तो किसी भी सूरत में नहीं बचेंगे। पूरे देश को ऐसे ही फैसले का इंतजार था।
- प्रो. मानवेंद्र सिंह, समाजशास्त्र विभाग, गोविवि

अपराधी प्रवृति के लोगों में भय विकसित होगा
कठोर दंड हमेशा मनोवैज्ञानिक रूप से संदेश देते हैं। निर्भया केस में फांसी की सजा से समाज में एक कठोर संदेश जाएगा कि अब अपराधी बच नहीं पाएंगे। अपराधी प्रवृति के लोगों में भय विकसित होगा। ऐसे में अपराध करने के पहले सौ बार सोचेंगे क्योंकि सजा उनके मस्तिष्क में घूमती रहेगी।
- प्रो धनंजय कुमार, मनोविज्ञान विभाग, गोविवि

निर्भया कांड के दोषियों को फांसी पर लटकाने का फैसला महत्वपूर्ण है। इसका बड़ा संदेश जाएगा। इस फैसले से देश की हर महिला के साथ ही पुरुष भी खुश हैं। दुष्कर्म पीड़ितों के केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होना चाहिए, जिससे दोषियों को जल्द से जल्द सजा हो सके।
- आजाद पांडेय, अध्यक्ष स्माइल रोटी बैंक
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed