कोरोना काल के दो वर्ष बाद इस साल महानगर में गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। बुधवार को घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। 10 दिनों तक पूजन-अर्चन के बाद नौ सितंबर को विसर्जन होगा।
Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी आज, पंडालों और घरों में विराजेंगे गणपति बप्पा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बन रहा है शुक्ल नामक शुभ योग
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि हृषीकेश पंचांग के अनुसार इस दिन चतुर्थी तिथि का मान दिन में एक बजकर 58 मिनट तक। चित्रा नक्षत्र संपूर्ण दिन और रात्रि 11 बजकर 48 मिनट तक। शुक्ल नामक शुभ योग भी संपूर्ण दिवस व रात को 11 बजकर 24 मिनट तक है। मध्याह्न में चतुर्थी तिथि होने से यही दिन गणेश चतुर्थी व्रत के लिए मान्य रहेगा।
ये है मान्यता
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न में हुआ था। इसी उपलक्ष्य में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।
ऐसे करें पूजन
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को प्रात: काल स्नानादि के बाद अपनी शक्ति के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, मिट्टी या गोबर से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गणेश जी का षोडशोपचार सविधि संपन्न करें। दक्षिणा के पश्चात आरती कर गणेश जी को नमस्कार करें व प्रतिमा पर सिंदूर व दूर्वा चढ़ाएं। मोदक का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण करें।
20 वर्षों से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। कोरोना काल में दो साल घर में प्रतिमा स्थापित की गई। इस साल फिर से पंडाल में प्रतिमा रखी जा रही है। - पंकज गुप्ता, गणेश उत्सव समिति, घासीकटरा।
गणेश महोत्सव को लेकर इस साल काफी उत्साह है। पंडाल में प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा। - सुनील जायसवाल, गणेश उत्सव समिति, धर्मशाला बाजार।
पिछले दो साल घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इस साल पंडाल में प्रतिमा रख विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। - ओमप्रकाश, सिद्धि विनायक पूजन समिति, जाफरा बाजार।