फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी के केस में फंसा पेंच: माफिया की गिरफ्तारी हुई किसी और केस में, जेल गए दूसरे में

Thu, 17 Jun 2021 04:47 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Thu, 17 Jun 2021 04:47 PM IST
विज्ञापन
former MLC Ramu Dwivedi case arrested in another case and jailed in another
बसपा के पूर्व एमएलसी संजीव उर्फ रामू द्विवेदी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लिस्टेड माफिया पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी को पुलिस ने गिरफ्तार किया किसी और केस (अपराध संख्या 2228/12 ) में और जेल भेज दिया किसी दूसरे केस (अपराध संख्या-2230/12) में। सदर कोतवाली पुलिस द्वारा इस मामले में कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेज में यह हकीकत दर्ज है। इस हाई प्रोफाइल केस में यह बड़ी गलती हुई या बड़ा खेल, इसको लेकर ढेरों सवाल खड़े हो गए हैं। पुराना रिकॉर्ड गवाह है कि वादी के अनुरोध पर इस मामले में आठ साल पहले फाइनल रिपोर्ट लगाते वक्त भी पुलिस ने कुछ ऐसा ही किया था।



जानकारी के मुताबिक शहर के इंडस्ट्रियल स्टेट मेहड़ा पुरवा निवासी निकुंज अग्रवाल ने पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी के खिलाफ 6 नवंबर 2012 को सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने अपराध संख्या 2228/12 पर आईपीसी की धारा 386 (अवैध वसूली), 504( गाली-गलौच), 506 (जान से मारने की धमकी), 323 (मारपीट) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

मामले की विवेचना के दौरान वादी ने शपथपत्र देकर मुकदमा वापस लेने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन अंतिम रिपोर्ट लगा दी। कमाल की बात है कि विवेचक ने अपराध संख्या 2228/12 की बजाए अपराध संख्या 2230/12 में फाइनल रिपोर्ट लगाकर न्यायालय में भेज दी।

 

former MLC Ramu Dwivedi case arrested in another case and jailed in another
पुलिस के गिरफ्त में पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।

अब साढ़े आठ वर्ष बाद मामला फिर से खुला तो पुलिस ने पूर्व एमएलसी रामू के नाम दर्ज अपराध संख्या 2228/12 के बजाए उन्हें अपराध संख्या 2230/12 में गिरफ्तार किया। पुलिस ने अपराध संख्या को नजरंदाज कर फिर उसी गलती को दोहरा दिया। यही नहीं, पुलिस ने नकल रपट में अपराध संख्या 2228/12 दर्ज किया, जबकि कोर्ट की रिमांड शीट अपराध संख्या 2230/12 में तैयार कर पूर्व एमएलसी को जेल भेजा गया।

 

former MLC Ramu Dwivedi case arrested in another case and jailed in another
पुलिस के गिरफ्त में पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।

इतना ही नहीं, अग्रिम विवेचना के लिए कोतवाल ने जो प्रार्थनापत्र न्यायालय में दिया है, उसमें भी अपराध संख्या 2230/12 लिखा है। इस पर किसी भी पुलिस के अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। यहां तक कि अभियोजन अधिकारी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और कागजात न्यायालय में पेश कर दिया। अपराध संख्या 2230/12 में क्या ब्योरा दर्ज है, फिलहाल इस पर पुलिस ने होंठ सी लिए हैं।



 

विज्ञापन
विज्ञापन
former MLC Ramu Dwivedi case arrested in another case and jailed in another
पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी के मेडिकल के दौरान अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

अभियुक्त को मिलेगा लाभ
अभियोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कानून के अन्य जानकारों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अवैधानिक है। इससे अभियुक्त को लाभ मिलेगा। मामला पुलिस के गले की फांस बन सकता है। अधिवक्ता अजय राय का कहना है कि ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि पुलिस ऐसा खेल भी करती है। यह मामूली चूक नहीं है। अधिवक्ता रमेश सिंह का कहना है कि यह अवैधानिक कार्रवाई है। इसमें जो भी विवेचक एवं अन्य अधिकारी हैं, उन पर कार्रवाई हो सकती है।

विज्ञापन
former MLC Ramu Dwivedi case arrested in another case and jailed in another
पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि केस में दर्ज अपराध संख्या एवं फाइनल रिपोर्ट में अपराध संख्या अलग-अलग होने का मामला संज्ञान में है। ऐसा लिपिकीय त्रुटिवश हो गया है। इसे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।  
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed