इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के इंतजाम भी कर रहे हैं। चिकित्सक कहते हैं कि खानपान और जीवनशैली में बदलाव करके ठंड से बचा जा सकता है। ब्राउन फैट सेल (अंगूर, मिर्ची, मूंगफली आदि) वाले आहार लेने और गर्मी पानी पीने से ठंड कम लगती है। मेहनत वाला कार्य करने से भी ठंड पास नहीं फटकती है।
Exclusive: ठंड से बचने के लिए डॉक्टर दे रहें सलाह, खूब खाइए मिर्ची
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डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि सर्दी में ज्यादा समय बिताने वाले लोगों की त्वचा की सहनशीलता बढ़ जाती है। इस दौरान अगर वह मेहनत का काम करते हैं तो शरीर की आंतरिक गर्मी से बाहरी सर्दी का असर कम हो जाता है। इससे ठंड नहीं लगती है। कुछ लोगों को जेनेटिक वजह से भी ठंड नहीं लगती है। हालांकि, ऐसे लोगों की संख्या कम है। ऐसे लोगों के शरीर में ठंड शुरू होते ही जीन एल्फा एक्टीनिन-तीन में म्यूटेशन होने लगता है, जिससे सर्दी नहीं लगती है।
ठंड को भगाना है तो इनका सेवन करें
डायटिशियन दिव्या श्रीवास्तव बताती हैं कि भारतीय मसाले, शहतूत, अंगूर, मिर्ची, मूंगफली, ग्रीन-टी और मछली खाकर लोग ठंड भगा सकते हैं। इनमें पर्याप्त मात्रा में ब्राउन फैट पाए जाते हैं। इनका निरंतर सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होगी और ब्राउन फैट शरीर को मिलता रहेगा। इसके अलावा, यदि दौड़ते हैं, कसरत करते हैं तो व्हाइट फैट भी कुछ ही देर में ब्राउन फैट में बदल जाता है। इससे ठंड कम लगती है। यही नहीं, पंजीरी या गोंद के लड्डू, तिल के लड्डू, खजूर, सूखे मेवे से बनाए लड्डू, गाजर, संतरे, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली और मूली का सेवन करने से भी ठंड कम लगती है। जबकि, मसालों में सरसों, हींग, काली मिर्च, अजवाइन, हल्दी, लहसुन के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इनसे शरीर को गर्मी मिलती है।
आयरन की कमी से लगती है ज्यादा ठंड
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगर सामान्य व्यक्ति की तुलना में किसी व्यक्ति को ज्यादा ठंड लगती है तो ऐसे लोगों के शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। मधुमेह और हाइपोथायराइड से पीड़ित लोगों को भी अधिक ठंड लगती है। कई बार ठंड में रोएं खड़े हो जाते हैं। इसकी वजह यह है कि त्वचा से निकलने वाली तरंगें हाइपोथैलेमेस हो जाती हैं। इस वजह से शरीर की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं और रोएं खड़े होकर ज्यादा ठंड का अहसास कराते हैं।
ठंड में हार्टअटैक और पैरालसिस का खतरा अधिक
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बीपी और शुगर के मरीजों के लिए ठंड का मौसम ज्यादा खतरनाक होता है। इस मौसम में अगर जरा भी लापरवाही हुई तो जान जा सकती है। ठंड में ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरती चाहिए। ठंड के मौसम में बीपी हाई और लो दोनों हो जाता है। ठंड के दौरान अर्टरी सिकुड़ जाती है, जिससे शरीर में रक्त का प्रवाह कम होने लगता है। इस वजह से हार्टअटैक और पैरालिसिस का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल और बीआरडी में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।