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यूपी के इस गांव में इंसानों के साथ रहते हैं 450 मगरमच्छ, देखने के लिए विदेशों से आते हैं लोग

Sat, 06 Feb 2021 03:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 Feb 2021 03:49 PM IST
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Crocodile house Darjiniya Taal special story
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।

नेपाल राष्ट्र के हिमालय पर्वत की चोटियों से निकली नारायणी नदी के तट एवं सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल रेंज के मनोरम वादियों के बीच स्थित दर्जिनिया ताल तेजी से विकसित हो रहा है। अगर आप जंगल और जंगली जानवरों को देखने के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए बेहद खास है।

Crocodile house Darjiniya Taal special story
maharajganj news - फोटो : अमर उजाला।

दर्जिनिया ताल मतलब मगरमच्छों का बसेरा है, जहां पर्यटन के अनगिनत रंग बिखरे हैं। चहुओर फैली हरियाली और नारायणी के लहरों के मधुर स्वरों के बीच जंगलों से घिरे एक ताल में अगर आपको एक साथ एक दो नहीं बल्कि दर्जनों मगरमच्छ दिख जाए, तो आपके यात्रा का आनंद शायद दोगुना हो जाएगा।

Crocodile house Darjiniya Taal special story
maharajganj news - फोटो : अमर उजाला।

महराजगंज जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसा गांव भेड़िहारी का कटान टोला जहां आदमी के साथ मगरमच्छ भी रहते हैं। चारों ओर से जंगलों से घिरे इस गांव से सटे एक ताल में करीब 450 मगरमच्छ रहते हैं। जिसे सुबह शाम आसानी से देखा जा सकता है। ताल में निर्मित टीलों पर अपने बच्चों के साथ खेलते व झुंडों में मगरमच्छ लुभावने लगते हैं। जब मगरमच्छ अपने शिकार के लिए टीलों से पानी मे छलांग लगाते हैं, तो नजारा देखते ही बनता है।

 

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Crocodile house Darjiniya Taal special story
maharajganj news - फोटो : अमर उजाला।

पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला दर्जिनिया ताल
रेंजर जगरनाथ प्रसाद ने बताया कि दर्जिनिया ताल करीब पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मनोरम वादियों के कारण यहां मगरमच्छों के लिए अनुकूल आबोहवा है। प्रत्येक वर्ष इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले वर्ष हुई गणना में इनकी संख्या साढ़े तीन सौ थी। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर करीब साढ़े चार सौ पहुंच गई है। गांव में बने इस ताल को देखने के लिए विदेशों से लोग आते हैं।
 

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maharajganj news - फोटो : अमर उजाला।
दर्जिनिया पर पर्यटकों का घूमने का सही समय
दर्जिनिया ताल घूमने और मगरमच्छों को आसानी से घंटों तक देखने के लिए नवंबर से मार्च का महीना सबसे बेहतर माना जाता है। ठंड के दौरान मगरमच्छ ज्यादातर समय रेस्टिंग आइलैंड पर बिताते हैं। यहां मगरमच्छों को अठखेलियां करते हुए देखा जा सकता है।

 
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