कोरोनावायरस के संक्रमण की जांच के लिए मरीजों को लखनऊ या दिल्ली नहीं जाना पडे़गा। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ही मरीज का सैंपल लिया जा सकेगा। इसके लिए कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की तरफ से किट की व्यवस्था की गई है।
कोरोनावायरस की जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली-लखनऊ, गोरखपुर में ही मिलेगी खास सुविधा
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प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जांच के लिए जो किट चाहिए वह कॉलेज प्रशासन के पास है। हालांकि जांच के लिए किट के जरिए लिए गए नमूने को पुणे भेजना होगा। कोरोनावायरस को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। आगरा और दिल्ली में मरीजों की पुष्टि के बाद चौकसी और भी बढ़ा दी गई है।
कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति की जांच के लिए उसे कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 500 जांच किट उपलब्ध करा दिए गए हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने यह किट तैयार की है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में बेडों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है।
गले से लार निकालकर होती है कोरोना संक्रमण की जांच
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच का तरीका बिल्कुल अलग है। इसकी जांच खून के सैंपल से नहीं होती। जांच के लिए गले के अंदर की लार लिया जाता है। इसे तीन अलग-अलग डब्बों में रखा जाता है। इसके बाद इन तीनों डब्बों से इतर एक और कंटेनर में लार को रखा जाता है। फिर इन चारों डब्बों को थर्माकोल के बॉक्स में पैक कर जांच के लिए पुणे भेजा जाता है।
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर अस्पताल प्रशासन ने भी आइसोलेशन वार्ड में बेड की संख्या बढ़ा दी है। एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि पहले जहां पांच बेड थे। अब वहीं अब 18 बेड और बढ़ने के बाद कुल बेडों की संख्या 23 हो गई है। वार्ड में स्टाफ नर्स सहित डॉक्टरों की भी ड्यूटी लगा दी गई हैं।