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कोरोना अलर्ट: रिपोर्ट का न करें इंतजार, विशेषज्ञों की सलाह पर करें ये काम
Wed, 14 Apr 2021 03:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 14 Apr 2021 03:26 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो आरटीपीसीआर रिपोर्ट के इंतजार के चक्कर में खुद की जान आफत में डाल रहे हैं। एंटीजन से निगेटिव आने के बाद आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के चक्कर में दवाओं का न खाना उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एंटीजन और आरटीपीसीआर से रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो निश्चिंत न रहे। कोविड के लक्षण अगर दिखते हैं तो एक बार चेस्ट का एक्स-रे जरूर कराएं। क्योंकि दूसरी लहर का कोरोना वायरस बेहद खतरनाक है।
डॉ. अश्वनी मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि इस बार वायरस तेजी से असर कर रहा है। वायरस नाक के रास्ते गले में कब पहुंच जा रहे हैं यह कह पाना मुश्किल हैं। इसकी वजह से एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव आती है। इस बीच अगर थोड़ी सी देरी हो रही है तो वायरस सीधे फेफड़ों में पहुंच जा रहा है। ऐसे में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही है। ऐसे केस लगातार सामने आ रहे हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
केस-एक
रिपोर्ट के इंतजार में बिगड़ गई तबीयत
राम जानकी नगर के 47 वर्ष के एक व्यक्ति की चार दिन पहले तबीयत बिगड़ी। डॉक्टर को दिखाया तो कोरोना जांच की सलाह दी। जिला अस्पताल में जांच एंटीजन और आरटीपीसीआर से कराई। एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के लिए परिजन इंतजार करते रहे। इस बीच हालात इतनी बिगड़ गई की मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। इस बीच 12 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने बताया कि सही समय पर कोविड का इलाज नहीं मिला। इसकी वजह से वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी है।
रिपोर्ट के इंतजार में बिगड़ गई तबीयत
राम जानकी नगर के 47 वर्ष के एक व्यक्ति की चार दिन पहले तबीयत बिगड़ी। डॉक्टर को दिखाया तो कोरोना जांच की सलाह दी। जिला अस्पताल में जांच एंटीजन और आरटीपीसीआर से कराई। एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के लिए परिजन इंतजार करते रहे। इस बीच हालात इतनी बिगड़ गई की मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। इस बीच 12 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने बताया कि सही समय पर कोविड का इलाज नहीं मिला। इसकी वजह से वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी है।
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
केस -दो
एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव लेकिन हालत बिगड़ी
बिछिया की रहने वाली 33 साल की एक महिला को कोविड के लक्षण दिखा तो परिजनों ने निजी डॉक्टर से संपर्क किया। इस बीच डॉक्टर ने कोरोना जांच की सलाह दी। जिला अस्पताल में एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराई। एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि आरटीपीसीआर के लिए 72 घंटे इंतजार करने को कहा। इस बीच रिपोर्ट आने सेे पहले ही उनकी हालत बिगड़ गई। किसी तरह परिजनों ने बीआरडी के कोविड वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर सही समय पर कोविड का इलाज शुरू हो जाता तो मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ती।
एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव लेकिन हालत बिगड़ी
बिछिया की रहने वाली 33 साल की एक महिला को कोविड के लक्षण दिखा तो परिजनों ने निजी डॉक्टर से संपर्क किया। इस बीच डॉक्टर ने कोरोना जांच की सलाह दी। जिला अस्पताल में एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराई। एंटीजन की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि आरटीपीसीआर के लिए 72 घंटे इंतजार करने को कहा। इस बीच रिपोर्ट आने सेे पहले ही उनकी हालत बिगड़ गई। किसी तरह परिजनों ने बीआरडी के कोविड वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर सही समय पर कोविड का इलाज शुरू हो जाता तो मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ती।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
सही जानकारी के लिए कराएं चेस्ट का एक्स-रे
डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अगर कोविड के लक्षण हैं और रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो ऐसे लोग तत्काल चेस्ट का एक्स-रे कराएं। चेस्ट एक्स-रे की रिपोर्ट से सही जानकारी मिल जाएगी। बताया कि इस बार वायरस का असर फेफड़ों पर ज्यादा है। दो से तीन दिनों के अंदर ही वायरस फेफड़ों को खराब कर दे रहा है।
डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अगर कोविड के लक्षण हैं और रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो ऐसे लोग तत्काल चेस्ट का एक्स-रे कराएं। चेस्ट एक्स-रे की रिपोर्ट से सही जानकारी मिल जाएगी। बताया कि इस बार वायरस का असर फेफड़ों पर ज्यादा है। दो से तीन दिनों के अंदर ही वायरस फेफड़ों को खराब कर दे रहा है।