कोरोना महामारी से जहां दुनिया भर में हाहाकार मचा है वहीं आम लोगों की दुश्वारियां भी देखने को मिल रही है। कोरोना की दूसरी लहर किसी की जिंदगी निगल रहा तो किसी का परिवार तोड़ रहा। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सामने आया है। यहां घर में कुछ दिन पहले शादी की तैयारियां चल रही थी वहां आज मातम छा गया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरा मामला...
जिले के खजनी क्षेत्र के बरवल माफी गांव के राज बहादुर सिंह का 24 वर्षीय बेटा सुमित निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में सुपरवाइजर था। होली में घर आने पर उसे बुखार हुआ। जांच में टायफाइड निकला। दवा लेने के कुछ दिन बाद वह काम पर लौट गया।
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
वहां उसकी तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों ने उसे 13 अप्रैल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शुरुआत में उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी। सांस लेने में दिक्कत होने पर सीटी स्कैन से संक्रमण का पता चला तो बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
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बीआरडी में बेड न मिलने पर उसे आर्यन हॉस्पिटल में 18 अप्रैल की रात में भर्ती कराया गया तब ऑक्सीजन लेवल 60 तक पहुंच गया था। उसे बचाने के लिए पिता ने हर उपाय किया। मंगलवार रात से उसका ऑक्सीजन लेवल 30 तक पहुंच गया। इसके बाद ऑक्सीजन लेवल कुछ बढ़ा तो उम्मीद दिखी लेकिन बुधवार को उसने दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत के बाद मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि कोरोना ने तो हमारी दुनिया छीन ली।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
सुमित घर का एकलौता कमाने वाला था उसके सिर पर बहन की शादी की जिम्मेदारी थी। इस बीच कोरोना का ग्रहण लग गया। शादी वाले घर में बेटे की सांस टूटती रही और मां-बाप बेबस देखते रहे। परिवार इस दोराहे पर आ गया है कि जवान बेटे की मौत का गम मनाएं या 24 मई को बेटी की शादी करे।