गोरखपुर में तीन दिन के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की शाम करीब चार बजे एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में पहुंचकर 100 बेड के पोस्ट कोविड वार्ड और 200 बेड के एल-टू कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इस बीच एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए 50 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू वार्ड) तैयार किया जा रहा है। इसके बाद सीएम ने पीआईसीयू का भी निरीक्षण किया।
गोरखपुर में बोले सीएम योगी: पोस्ट कोविड वार्ड और एल-टू कोविड वार्ड जल्द करें शुरू, इलाज में ना हो लापरवाही
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उन्होंने निर्देश दिया कि इस वार्ड को जल्द से जल्द से शुरू किया जाए, जिससे की कोविड से ठीक होने वाले मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री के पूछने पर बताया गया कि ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम तेजी से चल रहा है। बेडों की व्यवस्था हो चुकी है। आक्सीजन प्लांट के लिए एक मशीन जर्मनी से आनी है, जैसे ही मशीन आती है वैसे ही प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी वार्ड भी शुरू हो जाएंगे।
इस बीच एम्स की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने एम्स की ओर से शुरू किए गए 34 बेड के कोविड वार्ड के बारे में भी जानकारी दी। 15 मिनट तक वह एम्स परिसर में रहे और हर वार्ड की जानकारी ली। इसके बाद करीब चार बजकर 20 मिनट पर वह एम्स से जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। इस दौरान सदर सांसद रविकिशन, नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, मंडलायुक्त जयंत नर्लिकर, डीएम के विजयेंद्र पांडियन आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एम्स की तीसरी मंजिल पर पहुंचे तो वहां उन्हें वार्ड में कम चौड़ाई वाले बेड दिखे। इस पर उन्होंने कार्यकारी निदेशक से पूछा कि क्या इतने कम चौड़ाई वाले बेड से मरीज गिर नहीं जाएंगे? इस पर निदेशक ने बताया कि बेड के अगल-बगल सपोर्ट सिस्टम लगाया जाएगा। जिससे मरीज नहीं गिरेंगे।
बच्चों के लिए बनेंगे 50 बेड के आईसीयू
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने मुख्यमंत्री के जाने के बाद बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को खतरा ज्यादा बताया जा रहा है। इसे देखते हुए एम्स में 50 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके साथ ही बोइंग कंपनी एवं केयर इंडिया की ओर से संचालित होने वाले 200 बेड के कोविड अस्पताल एवं पोस्ट कोविड कांप्लेक्सिटीज वार्ड भी बन रहे हैं।
ऑक्सीजन प्लांट पर भी काम भी चल रहा है। जून तक सभी वार्ड शुरू होने की उम्मीद है। बताया कि ब्लैक फंगस से निपटने के लिए बीआरडी और आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) और एम्स मिलकर काम कर रहे हैं। जल्द ही एम्स में ब्लैक फंगस की जांच के लिए मशीन लग जाएगी। ब्लैक फंगस की दवा प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराने की बात कही गई है।