गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की दोपहर झुंगिया गेट (फर्टिलाइजर रोड) स्थित अनुसूचित जाति के अमृतलाल भारती के घर सहभोज कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जमीन पर बैठकर प्रेमभाव से खिचड़ी खाई और अपने दादा गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की उस परंपरा को और समृद्ध किया है। गोरक्षपीठ ने जातीय भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में अभियान छेड़ रखा है।
तस्वीरें: मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति के अमृतलाल के घर किया सहभोज, जमीन पर बैठ प्रेमभाव से खाई खिचड़ी
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मुख्यमंत्री के साथ ही भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भी अनुसूचित जाति के परिवार के साथ सहभोज किया है। मुख्यमंत्री योगी ने अमृतलाल व उनके परिजनों से बड़ी ही आत्मीयता के साथ बातचीत की और सहभोज पर आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद भी दिया है।
अमृतलाल का परिवार उत्साहित
मुख्यमंत्री के आने से अमृतलाल का परिवार गदगद है। उनका कहना है कि गोरक्षपीठ ने हमेशा सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। इससे पहले महंत अवेद्यनाथ आते थे। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। अमृतलाल भाजपा के महानगर मंत्री भी हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठकर भोजन करने से अमृतलाल के पिता किशोरी लाल उत्साहित दिखे। उनका कहना है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री के साथ सहभोज पर बैठा हूं। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर का आत्मीयता कभी न भूलने वाली है। खिचड़ी बनाकर परोसने वाली महिलाएं भी उत्साहित हैं।
गोरक्षपीठ के मूल में समाहित है सामजिक समरसता
योगी आदित्यनाथ उस विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ से हैं, जिसके मूल में ही लोक कल्याण और जातीय विभेद को समाप्त कर सामाजिक समरसता व एकजुटता को बढ़ावा देना शामिल है। सामाजिक समरसता को लेकर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ भी निरंतर अभियान चलाते रहे हैं। दोनों ब्रह्मलीन महंत ने साधु-संतों के साथ समाज के उस व्यक्ति के घर सहभोज आयोजित कराते थे, जिसे सामाजिक कुरीतियों के चलते अछूत माना जाता था। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने काशी के डोम राजा के घर सहभोज का एतिहासिक आयोजन कराकर यह संदेश दिया था कि समाज में सभी जातियों के लोग एक समान हैं। कोई छोटा-बड़ा नहीं है। अपने गुरुजनों की इसी परंपरा को योगी आदित्यनाथ निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद रहते हुए ही उन्होंने अनुसूचित जाति और अति पिछड़ी जातियों के घर सहभोज में शामिल होकर सामाजिक समरसता का बड़ा संदेश देना उनकी जीवनचर्या का हिस्सा रहा है।
पीएम मोदी के मंत्र से पूरा हो रहा बाबा साहब का सपना : योगी
अनुसूचित जाति के घर सहभोज में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया कर्मियों से बात भी की और कहा कि सहभोज सामाजिक समरसता की स्थापना का एक बड़ा और महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने खिचड़ी खिलाने के लिए अमृतलाल भारती व उनके परिजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि भाजपा सामाजिक एकता के मिशन को लेकर हमेशा आगे बढ़ी है। विकास, सुशासन व राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने सबका साथ-सबका विकास का जो मंत्र दिया, उसे अंगीकार कर बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर के सामाजिक समता के सपने को भी पूरा किया जा रहा है।