नीम की पत्ती में दो ऐसे तत्व मिले हैं, जिनसे डेंगू वायरस से हुए संक्रमण को पूरी तरह से काबू में किया जा सकता है। यह निष्कर्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नालॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. शरद मिश्र और पाथफाइंडर रिसर्च एंड ट्रेनिंग फाउंडेशन के वैज्ञानिक डॉ. विवेक धर द्विवेदी के शोध में सामने आया है। इनके शोध पत्र को वर्ष 2020 में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘जर्नल ऑफ बायोमालेक्युलर स्ट्रक्चर एंड डायनामिक्स’ में प्रकाशित किया गया है।
Exclusive: नीम की पत्तियों में है इस वायरस को मारने की क्षमता, लैब में भी मिला सौ फीसदी रिजल्ट
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प्रो. शरद और डॉ. विवेक को वर्ष 2017 में भी नीम की पत्तियों में डेंगू वायरस से लड़ने में सहायक तीन तत्व मिले थे, लेकिन तब लैब में टेस्टिंग में परिणाम उत्साहवर्धक नहीं निकला। इसके बाद से नीम के 40 से ज्यादा तत्वों का परीक्षण किया गया। जिसमें निकोटिफ्लोरिन और एपीकैटेकीन के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
कंप्यूटेशनल विधि से शोध के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय के लैब में सह आचार्य डॉ. नूरुद्दीन खान की निगरानी में टेस्टिंग की गई। वहां भी नतीजा सौ फीसदी सही पाया गया। डॉ. विवेक ने बताया कि डेंगू वायरस कि दवाओं पर क्लीनिकल ट्रायल कर रहे वैज्ञानिकों को नीम के इन तत्वों को साथ लेकर ट्रायल की सलाह दी गई है।
प्रो. शरद मिश्रा और डॉ. विवेक धर द्विवेदी ने 2017 में नीम की पत्ती में नींबिन, बीफेसिटाइल नींबिन और सेलेटाइन नींबिन नाम के यौगिकों को खोजा था। डॉ विवेक का दावा है कि ताजा शोध में कारगर तत्व मिले हैं। जो वायरस के संक्रमण को फैलने से सौ फीसदी रोक देंगे।