गोरखपुर में दो दिन में हुई जोरदार बारिश की वजह से कई इलाकों में नाव भी चलानी पड़ी तो कुछ जगहों पर लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। गोरखपुर शहर के सिंघड़िया इलाके में जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा भी किया। वहां जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नगर निगम की टीम के अलावा जिला प्रशासन की टीम को भी कवायद करनी पड़ी।
गोरखपुर में हाल बेहाल: दो दिन की बारिश में चलने लगी नाव, कई लोगों ने छोड़ा अपना घर
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इसके बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर डीएम के निर्देश पर तहसीलदार संजीव दीक्षित के अलावा जल निगम एवं सीएंडडीएस अधिकारी पहुंचे। इसके बाद पंपसेट बढ़ाकर जल निकासी की व्यवस्था की गई। सिंघड़िया इलाके के वसुंधरानगर, प्रज्ञापुरम, प्रिंस कॉलोनी, प्रकृति नगर, गोरक्ष नगर, मालवीय नगर, कमलेशपुरम समेत आसपास की कई कॉलोनियों में काफी ज्यादा जलभराव हो गया। इस इलाके के कई घरों में किचन से लेकर बेडरूम तक पानी भर गया। जिसकी वजह से कई लोगों को अपना घर छोड़ने को भी मजबूर होना पड़ा।
वसुंधरा नगर के अरविंद सिंह, संपूर्णानंद, शैलेंद्र द्विवेदी समेत कई लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा। वहीं किचन में पानी भरने की वजह से खाना बनाने की समस्या होने पर लोगों को बाहर से खाना मंगाना पड़ा। गणेशपुरम इलाके में पानी भरने की वजह से लोगों को अपनी आम जरूरतों को पूरा करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कहा कि नगर निगम के द्वारा सिंघड़िया इलाके में पहले से दो पंप लगे हुए हैं। बुधवार को सीएंडडीएस की ओर से दो और पंप लगाए गए। देर रात तक जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
शहर में कुल 125 पंप लगाए गए: नगरायुक्त
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव को देखते हुए कुल 125 पंप लगाए गए हैं। ये नियमित रूप से चल रहे हैं। नगर निगम की कोशिश है कि शहर में जहां कहीं भी जलभराव हो रहा हो उसका त्वरित निस्तारण हो जाए। जल निकासी के लिए वन निगम के पास पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब 200 मीटर का नाला भी खुदवाया जा रहा है।