अमर उजाला बाल मेला शुरू: खुशनुमा मौसम में जानवर भर रहे कुलाचे...बच्चे मचा रहे धूम, VIDEO
अमर उजाला के बाल मेला में शहर के विभिन्न स्कूलों से करीब आठ से दस हजार बच्चे जुट रहे हैं। इस मेला में शहर की गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी। बाल मेला की व्यवस्था चिड़ियाघर प्रबंधन ने भी की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बृहस्पतिवार को खुशनुमा मौसम होते ही शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में जानवरों ने अपने बाड़े में खूब उछल-कूद मचाई। दर्शकों के साथ वन्य जीवों ने भी सुहाने मौसम का जमकर आनंद लिया। बच्चों ने खूब सेल्फी ली और फुल मस्ती की।
सुबह में हल्की धूप निकलने से जानवर भी अपने बाड़े में से बहुत कम निकल रहे थे। लेकिन बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज खुशनुमा हुआ तो जानवरों ने उछल-कूद मचानी शुरू कर दी। बाड़ों के सामने खड़े होकर दर्शकों ने अपने मोबाइल फोन से पटौदी (बब्बर शेर) और गीता के सामने खड़े होकर सेल्फी ली।
चिड़ियाघर में दरियाई घोड़े जय और लक्ष्मी अपने बाड़े में घूम रहे थे। इसी बीच बेतियाहाता के मंतोष ने बाड़े के बाहर से ही आवाज लगाई, जय इधर आओ, लक्ष्मी इधर देखो। साथ में मौजूद विकास ने नाम लेकर पुकारने का कारण पूछा को मंतोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इन्हें नाम लेकर पुकारा था। शायद ये अपने नाम को पहचानती और जानती हैं।
वहीं, खूनीपुर की नाज अपने परिवार के साथ चिड़ियाघर पहुची थींं। गीता के बाड़े के सामने खड़े होकर उन्होंने आवाज दी और खुद की फोटो भी खिंचवाई। अपनी दोस्ती रुबीना से चर्चा कर रही थीं कि ये वही गीता है, जिसके पिता ने दिल्ली चिड़ियाघर में गिरे दर्शक की जान ले ली थी। लेकिन उसकी बेटी गीता कितनी शांत है।
दोपहर करीब दो बजे चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह परिसर के निरीक्षण करने निकले थे। इसी बीच घूमने आए एक छोटे बच्चे ने बब्बर शेर के जोड़े पटौदी और मरियम को देखा। उत्सुकता में उन्होंने दोनों के बारे में जानने की इच्छा जताई तो डॉ. योगेश ने बताया कि चिड़ियाघर में आने के बाद मरियम अपनी उम्र से भी अधिक समय तक स्वस्थ है। वहीं, सुबह से लेकर शाम तक दर्शकों का चिड़ियाघर में घूमने का सिलसिला चलता रहा।
आज शेर-भालू के बीच बच्चे करेंगे फुल मस्ती
अमर उजाला के बाल मेला में शहर के विभिन्न स्कूलों से करीब आठ से दस हजार बच्चे जुट रहे हैं। इस मेला में शहर की गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी। बाल मेला की व्यवस्था चिड़ियाघर प्रबंधन ने भी की है। बच्चों के कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. मनोज शुक्ला की निगरानी में अधिकारियों ने भी व्यवस्था को देखा और अपने स्टॉफ को निर्देश दिए। इस दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह, रेंजर रोहित सिंह, गोरव, रवि और अन्य स्टाफ के लोग मौजूद रहे।
पेंटिंग प्रतियोगिता : इसका थीम चिड़ियाघर है, बच्चे जीव-जंतु देखेंगे और वहीं बैठकर लाइव स्केच बनाएंगे। शीट अमर उजाला की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी। पेंटिंग की अन्य सामग्री मसलन, पेंसिंल, ब्रश, बोर्ड व कलर विद्यार्थियों को लाना होगा। विजेताओं का चयन तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम करेगी।
नृत्य व गायन प्रतियोगिता : नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता में बच्चे चिड़ियाघर में बने मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। गायन के लिए अधिकतम तीन मिनट और नृत्य के लिए पांच मिनट का समय दिया जाएगा। गायन में बच्चे लोक गीत व फिल्मी गाने का चयन कर सकते हैं और नृत्य प्रतियोगिता का थीम पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण रखा गया है।