तमिलनाडु के महाबलिपुरम में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ अलग ही अंदाज में नजर आए। दरअसल, अपने फैशन और भारत की विविधता भरी संस्कृति को परिधान के जरिये प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करने वाले पीएम मोदी दक्षिण भारतीय पुरुषों के पारंपरिक परिधान 'वेष्टि' में नजर आए। वेष्टि को मुंडु भी कहा जाता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
इस परिधान में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ वेष्टि में पीएम मोदी का अंदाज अलग ही दिखाई दे रहा था। आधी आस्तीन का शर्ट और कंधे पर अंगवस्त्र के साथ नीचे लपेटी हुई धोती दक्षिण भारत का पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला पारंपरिक परिधान है। दक्षिण भारत से आने वाले कई दिग्गज नेता वेष्टि में नजर आए हैं। पूर्व गृहमंत्री पी. चिदम्बरम तो अक्सर वेष्टि में ही रहते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, साथ में शी जिनपिंग
- फोटो : Twitter
इस परिधान में विशेष चार से छह फुट की धोती है, जिसे कमर में लपेटा जाता है। भारत के कई राज्यों में इस धोती को अलग-अलग नामों से जाना जाता है और पहना भी अलग तरह से ही जाता है। इसे हिंदी, उड़िया में मुंडु कहा जाता है, तो वहीं मराठी में धोतर, तेलुगु में पंच और तमिल भाषा में वेष्टि कहा जाता है, जबकि कन्नड़ में पन्छे या लुंगी कहा जाता है। इस पारंपरिक परिधान में ऊपर शर्ट पहना जाता है और कंधे पर गमछा रहता है, जिसके किनारे रंगीन होते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, साथ में शी जिनपिंग
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खास बात यह है कि मुंडू केरल में पुरुष के लिए एक परिधान है, जबकि महिलाओं के लिए मुंड कहा जाता है। इसे लुंगी का राज्य संस्करण भी कहा जा सकता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, साथ में शी जिनपिंग
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बता दें कि दक्षिण के पांचों ही राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में जहां महिलाओं के परिधान में अंतर है, वहीं पुरुषों के लिए कुछ हद तक समान ही है। हालांकि केरल में नीचे धोती जबकि ऊपर चमकदार किनारी वाला कपड़ा भी डाला जाता है। तमिलनाडु में जहां पुरुष वेष्टि पहनते हैं, तो वहीं महिलाएं कांजीवरम साड़ियां पहनती हैं।