National Handloom Day 2023: हर साल 7 अगस्त से दिन नेशनल हैंडलूम डे मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने का खास मकसद हथकरघा बुनकरों की मेहनत को बढ़ावा देना है। यह दिन न केवल हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है, बल्कि युवाओं को भी इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप भी इस दिन को मनाकर बुनकरों को प्रोत्साहित करना चाहती हैं तो अपने कलेक्शन में खास हैंडलूम की साड़ियों को शामिल करें।
National Handloom Day 2024: दिखाना है रॉयल अंदाज तो अपने कलेक्शन में आज ही शामिल करें हैंडलूम की ये साड़ियां
नेशनल हैंडलूम के दिन आप भी ये सुनिश्चित करें कि आपके कलेक्शन में ये 5 तरह की हैंडलूम की साड़ियां अवश्य शामिल हों।
बनारसी साड़ी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में बनने वाली बनारसी साड़ियों का अपना अलग क्रेज देखा जाता है। ये साड़ियां अपनी खूबसूरत जरी, रेशम और ब्रोकेड की बुनाई के लिए जानी जाती हैं। ये आपको हर कीमत में मिल जाएंगी। बहुत से लोग तो इन पर सोने और चांदी के तारों से भी जरी कराते हैं। ऐसे में अपने कलेक्शन में आपको भी कम से कम एक बनारसी साड़ी तो जरूर शामिल करनी चाहिए।
कांजीवरम साड़ी
तमिलनाडु के कांचीपुरम में बनने वाली कांजीवरम साड़ियां देखने में काफी खूबसूरत होती हैं। इन साड़ियों पर रेशम और जरी का बारीक काम होता है। वैसे तो ये साड़ियां हर महिला पर जचती हैं, लेकिन जब कोई नई दुल्हन इसे पहनती है, तो इसका लुक काफी खूबसूरत लगता है।
ये साड़ी केरल के पारंपरिक परिधानों में शुमार है। ये ऑफ व्हाइट कलर की होती है और इसका बॉर्डर गोल्डन कलर का होता है। केरल की महिलाएं इसे शादी-विवाह या पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्यक्रमों में पहनती हैं। ये साड़ी भी हाथ से तैयार की जाती है, जिस वजह से इसका लुक खूबसूरत दिखता है।
पटोला साड़ी
पटोला साड़ी गुजरात की खासियत है। ये पटोला शब्द संस्कृत के 'पट्टकुल्ला' से लिया गया है। पटोला साड़ियां पाटन क्षेत्र से आती हैं और ये अपनी दोहरी बुनाई के लिए जानी जाती हैं। इन साड़ियों का इतिहास 900 से भी ज्यादा साल पुराना है। ये काफी महंगी भी आती हैं।