स्किन फास्टिंग आजकल बेहद प्रचलन में है। यह एक जापानी तरीका है। त्वचा मतलब त्वचा और फास्टिंग मतलब भूखे रहना। यानि की अपनी त्वचा को भूखा रखना स्किन फास्टिंग कहलाता है। स्किन फास्टिंग में 1-2 दिन तक अपनी त्वचा पर कोई भी उत्पाद नहीं लगाते हैं । जिससे त्वचा डीटॉक्स होने लगती है।
क्या है 'स्किन फास्टिंग'? जानें त्वचा के लिए है लाभदायक या हानिकारक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिन प्रतिदिन स्किन प्रोडक्टस के बढ़ते इस्तेमाल से हमारी त्वचा का प्राकृतिक निखार घटता जा रहा है। यही नहीं स्किन प्रोडक्टस के ज्यादा इस्तेमाल से एक समय बाद त्वचा का नैचुरल ऑइल खत्म होने लगता है।जिसके कारण हमारी त्वचा पूरी तरह रूखी और बेजान हो जाती है।
कई त्वचा विशेषज्ञों ( डर्मेटॉलजिस्ट) का कहना है कि स्किन फास्टिंग के बारे में लोग गलत सोचने लगे हैं। लोग मानते है कि स्किन फास्टिंग का मतलब किसी भी तरह के उत्पाद का इस्तेमाल नहीं करना है। लेकिन यह धारणा बिल्कुल गलत है स्किन फास्टिंग का मतलब यह नहीं होता है। अगर आप सिर्फ 1-2 दिन तक स्किन प्रोडक्टस नहीं लगाते हैं तो इससे आपकी त्वचा पर बेहद असर पड़ता है। इससे सन डैमेज, सनबर्न, ड्राई स्किन, ऐक्ने आदि हो सकता है।
डर्मेटॉलजिस्ट का कहना है कि त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए आपको अपनी त्वचा के मुताबिक ही क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए। त्वचा की देखभाल के लिए आपको क्लिन्जर, सनस्क्रीन, डे क्रीम और नाइट क्रीम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। नाइट क्रीम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा जरूरी और फायदेमंद होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दिनभर में त्वचा में हुए कोई भी नुकसान से नाइट क्रीम द्वारा बचा जा सकता है।
जैसे हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। वैसे ही हमारी त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए भी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह तत्व त्वचा की मरम्मत में सहायक होते हैं। लेकिन अगर आप स्किन फास्टिंग की वजह से अपनी त्वचा पर कोई भी क्रीम का इस्तेमाल नहीं करती हैं तो यह आपकी त्वचा को और खराब कर सकता है। हालांकि कई अध्ययन में यह पाया गया है कि त्वचा की देखभाल करना बेहद जरूरी है।