Beauty Tips: आज-कल की लड़कियां बेहद कम उम्र में ही अपने लुक्स को लेकर काफी सोचने लगती हैं। उन्हें लगता है कि वो हमेशा परफेक्ट दिखनी चाहिए। यही वजह है कि कम उम्र में ही लड़कियां वैक्सिंग और थ्रेडिंग कराने लगती हैं। इस वजह से उनकी मम्मियों को काफी टेंशन होने लगती है कि आखिर कम उम्र में उनके लिए क्या सही रहेगा। आज के लेख में हम आपको वैक्सिंग और थ्रेडिंग में क्या बेहतर है, इस बारे में बताने जा रहे हैं। स्किन पर वैक्सिंग और थ्रेडिंग दोनों का ही अलग असर होता है।
Beauty Tips: थ्रेडिंग या वैक्सिंग, कैसे दें आईब्रो को सही शेप? जानें कौन सा तरीका रहता है बेहतर
आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आईब्रो को सही शेप देने के लिए वैक्सिंग बेहतर है या फिर थ्रेडिंग।
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कैसे होती है वैक्सिंग
अगर आईब्रो वैक्सिंग की बात करें तो इसके लिए सबसे पहले एक फ्लैट चाकू (जिसमें धार नहीं होती) की सहायता से वैक्स लेकर आईब्रो के आप पास लगाई जाती है। वैक्स लगाते वक्त आईब्रो की शेप का खास ध्यान रखा जाता है। वैक्स लगाने के बाद वैक्सिंग स्ट्रेप को लगाकर खींचा जाता है और बाल आसानी से हट जाते हैं।
इसके फायदे और नुकसान
अगर इसके फायदे की बात करें तो इस प्रक्रिया से आईब्रो को आसानी से शेप दे दी जाती है। अगर आपकी आईब्रो मोटी है तो ये एक बेहतर ऑप्शन है। वहीं अगर बात करें इसके नुकसान की तो अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो स्किन पर गर्म वैक्स की वजह से दाने और खुजली की समस्या सामने आ सकती है। कई बार तो त्वचा जल भी जाती है।
कैसे होती है थ्रेडिंग
अगर आपकी आईब्रो पतली है तो ये इसे शेप देने का अच्छा ऑप्शन है। इसमें धागे की सहायता से आईब्रो को शेप देते हुए आस-पास से बालों को हटाया जाता है। थ्रेडिंग के बाद स्किन पर क्रीम लगाना भी बेहद जरूरी होता है।
इसके फायदे और नुकसान
अगर बात करें इसके फायदे की तो हर बार नए धागे का इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में स्किन से जुड़ी एलर्जी होने की संभावना ना के बराबर हो जाती है। कई बार स्किन लाल हो जाती है, लेकिन ये हाल ही में नॉर्मल भी हो जाती है वहीं अगर इसके नुकसान की बात करें तो अगर ये सही तरीके से नहीं की गई तो स्किन पर धागे से कट लग सकता है।