कील मुंहासों की समस्या तो लगभग हर किसी को किशोरावस्था में होती है। लेकिन कभी कभी चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर सफेद रंग के छोटे छोटे से दाने हो जाते है जिन्हें फुंसी कहते हैं। मुंहासे की तरह दिखने वाले ये दानें त्वचा के अंदर होते हैं और इनके होने के कारण भी बिल्कुल अलग होते हैं।
बैक्टीरिया से होने वाले मुंहासे और फंगस की वजह से होने वाले मुंहासे चेहरे पर एक जैसे ही दिखाई देते हैं लेकिन फंगस से होने वाले दाने को मुंहासे का नाम नहीं दिया जा सकता है। मुंहासे तो वो है जो किशोरावस्था के समय हार्मोन में परिवर्तन के कारण होते हैं। फंगस से होने वाले इन दानों में खुजली की समस्या भी होती है।
चेहरे के अलावा कंधे और पीठ पर होने वाले ये दानें ज्यादातर पसीने वाली जगह पर होते हैं। जब बहुत ज्यादा शरीर से चिपके कपड़े पहनकर आप कसरत करते हैं तो पसीने की वजह से आपके कपड़े भीग जाते हैं इसके अलावा बारिश में भीगने से भी जब कपड़े गीले हो जाते हैं तो फंगस की वजह से इनके होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए जरुरी है कि गीले कपड़ों को तुरंत बदल कर नहाएं।
सिलिसिलिक एसिड क्लींजर का इस्तेमाल करके आप इऩ दानों की समस्या को कम कर सकते हैं या फिर स्क्रब का प्रयोग करके शरीर पर मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटा लेने से भी इससे राहत मिलती है। डॉक्टर बताते हैं कि सिर पर होने वाली रुसी भी इसके होने का कारण हो सकती है। इसके लिए जरुरी है कि कीटोकोनाजोल युक्त शैंपू का प्रयोग करके रुसी की समस्या को कम किया जाए जिससे इन दानों में राहत मिल सकें।