रोहित रॉय जब दूरदर्शन के धारावाहिक स्वाभिमान में नजर आए थे, इसके बाद वह काफी मशहूर हो गए थे। इसके बाद से वह टीवी शो और फिल्मों में बहुत ही कम नजर आए। दरअसल 90 के दशक में जब टीवी इंडस्ट्री एकदम टॉप पर थी तब रोहित रॉय को खूब सारे टीवी शो ऑफर हुए और वह सफल भी हुए। इसके बाद रोहित को विश्वास होने लगा कि उनमें मिडास टच है और उन्होंने कहा कि इस अहंकार की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी। हाल ही में एक इंटरव्यू में रोहित ने कहा कि उनकी फिल्मों का चुनाव खराब था लेकिन अपनी लोकप्रियता के कारण वह बहुत आत्मविश्वासी हो गए थे और गलत फैसले लेने लगे थे।
2 of 5
रोहित बोस रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
एक इंटरव्यू के दौरान रोहित रॉय ने कहा, 'एक समय पर, 'मैं फिल्मी सितारों से भी अधिक लोकप्रिय था। मुझे लगता है कि इससे मैं अति आत्मविश्वासी हो गया था।' उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपने दिनों को याद करते हुए कहा, 'मैं अभी भी अपना काम ईमानदारी से कर रहा था लेकिन मुझे लगने लगा था कि मुझमें मिडास टच है। उस समय, मैं इतना बुरा काम कर रहा था, लेकिन उसे इतनी अच्छी टीआरपी मिल रही थी, 22, 24, 26। इसलिए मुझे लगने लगा कि मैं जो भी करूंगा लोग उसे देखेंगे।'
इसे भी पढ़ें- Sunil Grover: नाई के रोल से किया था डेब्यू, 500 रुपए थी पहली कमाई, इस किरदार से घर-घर में मशहुर हुए सुनील
3 of 5
रोहित बोस रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
रोहित रॉय ने आगे कहा, 'फिल्मों के बारे में मेरी पसंद बेकार थी, जिस तरह के लोगों के साथ मैंने काम करने का फैसला किया था वह गलत था, शुरुआती दिनों में मैंने जो स्क्रिप्ट चुनी थी वह बकवास थी। मेरी पसंद बेकार थी क्योंकि मैंने सोचा था कि मैं इस फिल्म में हूं और लोग मेरे लिए इसे देखने आएंगे।' बता दें कि रोहित रॉय ने 'आंखों में तुम हो', 'कोई किसी कम नहीं' जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।
4 of 5
रोहित रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
बीच में रोहित रॉय को काम नहीं मिल रहा था। इससे पहले के दिनों को याद करने हुए अभिनेता ने कहा, 'लोग मुझे कैश से भरे डफल बैग दे रहे थे, लेकिन मैंने इतनी बड़ी रकम लेने से इनकार कर दिया था। 1990 के दशक में मैं वह काम करने से मना कर देता था, जिससे मुझे लाखों मिलते थे। 90 के दशक में लोगों ने ऐसी शख्सियतों के बारे में कभी नहीं सुना था और मैं उस काम को मना कर देता था।'
5 of 5
रोहित रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
रोहित रॉय कहते हैं कि 'शेखर सुमन अक्सर मुझसे कहते थे कि तुम पायलट क्यों नहीं बनते? मैंने कहा कि पायलट करने का क्या मतलब है। वह कहते, तुम बंगला बनाओगे। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। हालांकि बाद में, मुझे लगता था कि मुझे यह करना चाहिए था।'