अपनी फिल्म 'अरदास सरबत दे भले दी' के प्रमोशन में जुटे गिप्पी ग्रेवाल ने हाल ही में कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) में एक सिख सदस्य को शामिल किया जाना चाहिए। गिप्पी ने जोर देकर कहा कि बोर्ड में सिख व्यक्ति होने से समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली फिल्मों को प्रमाणित करने में मदद मिलेगी।
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गिप्पी ग्रेवाल
- फोटो : इंस्टाग्राम @gippygrewal
गिप्पी ने कहा कि सीबीएफसी कुछ खामियों को चिन्हित कर सकता है, लेकिन वे किसी धर्म के गलत चित्रण की पहचान नहीं कर सकते। गिप्पी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कंगना रनौत ने इमरजेंसी को बिना कट के रिलीज करने की मांग की है। फिल्म सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में सीबीएफसी में फंस गई है।
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गिप्पी ग्रेवाल, गुरप्रीत सिंह घुग्गी
- फोटो : एएनआई
गिप्पी ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा कि बोर्ड में एक सिख प्रतिनिधि का होना उन फिल्मों के लिए महत्वपूर्ण है, जो सिख धर्म के बारे में बात करती हैं, समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं या किसी भी रूप में पंजाब राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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गिप्पी ग्रेवाल
- फोटो : इंस्टाग्राम gippygrewal
पिछले दिनों गिप्पी ने इमरजेंसी पर बात करते हुए कहा था, "अगर आपने किसी विषय पर होमवर्क नहीं किया है, तो आपको पहले पूछना चाहिए। होमवर्क किए बिना और अपने दृष्टिकोण से कुछ बनाने से निश्चित रूप से आपत्तियां होंगी।"
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'इमरजेंसी'
- फोटो : इंस्टाग्राम @kanganaranaut
गिप्पी ग्रेवाल और जैस्मीन भसीन के साथ अपनी पंजाबी फिल्म 'अरदास सरबत दे भले दी' के प्रचार के लिए गुरप्रीत हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया। वही, अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की रिलीज डेट टल गई है। होना तो यह था कि आज 6 सितंबर को फिल्म सिनेमाघरों में लग जाती, लेकिन ये हो न सका और अब ये आलम है कि कंगना को भारी मन के साथ इसकी पु्ष्टि करनी पड़ी है।