साउथ की फेमस एक्ट्रेस श्वेता मेनन ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं। लेकिन उनकी एक फिल्म 'कालीमन्नू' के लिए वो विवादों में घिर गई थीं। इस फिल्म में श्वेता ने अपनी लाइव डिलीवरी शूट करवाई थी। इसके बाद उन पर आरोप लगे थे कि पैसों के लिए उन्होंने अपनी डिलीवरी शूट करवाई।
ये फिल्म साल 2013 में रिलीज हुई थी । फिल्म 'कालीमन्नू' के एक सीन के लिए डायरेक्टर ब्लेसी ने लाइव डिलीवरी शूट करने का फैसला लिया। ये फिल्म महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर बनाई गई थी।
आरोप लगने के बाद श्वेता ने साफ किया था कि डिलीवरी की शूटिंग पैसों के लिए नहीं की गई थी। दरअसल, फिल्म का एक सीन बहुत जरूरी था । इसमें महिला की डिलीवरी दिखाई जानी थी । उस वक्त श्वेता मेनन प्रेग्नेंट भी थीं । ऐसे में लाइव डिलीवरी शूट करने का फैसला लिया गया ।
फिल्म के डायरेक्टर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने डिलिवरी की रिकॉर्डिंग उस समय से शुरू की थी, जब श्वेता पांच महीने की गर्भवती थीं। 3 घंटे की फिल्म में लाइव डिलिवरी का सीन 45 मिनट का था। श्वेता ने बेटी को जन्म दिया था और उसका नाम सबाइना रखा गया।
श्वेता ने खुद ब्लेसी को अपनी डिलीवरी शूट करने की इजाजत दी थी। इसमें उनके पति श्रीवाल्सन मेनन भी उनके साथ थे। शूटिंग से पहले फिल्म की टीम मुंबई के नानावती हॉस्पिटल पहुंच गई थी। डिलीवरी रूम में तीन कैमरे लगाए गए थे। इस शूट के दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के अलावा फिल्म की प्रोडक्शन टीम के तीन मेंबर्स थे।