नयनतारा साउथ की सुपर स्टार अभिनेत्री हैं। उनका विवादों से पुराना नाता रहा है। इनदिनों वो निर्देशक विग्नेश शिवन के साथ सगाई को लेकर चर्चा में हैं। उनकी एसटीआर के साथ इंटीमेट तस्वीरें भी वायरल हो चुकी हैं। प्रभु देवा के साथ शादी की भी अफवाह उड़ चुकी है। मंदिर में प्रवेश नहीं मिलने और भक्तों पर भड़कने एवं क्रू को बुलाने को लेकर भी एक बार नयनतारा विवादों में आई थी। दरअसल, साल 2006 में फिल्म 'वल्लवन' की शूटिंग के दौरान नयनतारा, एसटीआर के प्यार में पड़ गईं थी। ब्रेकअप के बाद दोनों के इंटीमेट तस्वीरें वायरल हो गई थी। उस वक्त भी काफी विवाद हुआ था।
साल 2009 में प्रभुदेवा और नयनतारा ने फिल्म 'विल्लू' में काम किया। उस वक्त वो प्रभु देवा के साथ लिवइन में रहने लगी थीं। जिसके बाद प्रभु देवा की पत्नी ने उनको लताड़ लगाई और दोनों को अलग होना पड़ा। जब तमिल फिल्म मसू एंगिरा के दौरान उनके सहकलाकार प्रेमगी अमरेन ने उन्हें मजाक में आंटी कह दिया, उस वक्त भी वह भड़क गईं थी। 2009 में ही एक फिल्म की शूटिंग के दौरान मंदिर में प्रवेश को लेकर वो खूब विवादों में आई थी।
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नयनतारा और प्रभु देवा
- फोटो : इंस्टाग्राम
साल 2009 की बात है। उस वक्त नयनतारा ओट्टापलम के पास बॉडीगार्ड नामक एक मलयालम फिल्म की शूटिंग कर रही थी। वह विशु (मलयालम नव वर्ष) पर केरल के किलिकाविल मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थीं। लेकिन उनको मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाया था।
दरअसल, नयनतारा ने सलवार और कमीज पहना था, लेकिन मंदिर के अधिकारियों का मानना था कि उनके कपड़े 'सभ्य' नहीं हैं। मंदिर में केवल साड़ी पहनने वाली महिलाओं को ही प्रवेश की अनुमति थी। जिसके बाद नयनतारा नाराज हो गई और उनकी मंदिर अधिकारियों और भक्तों से तीखी बहस हुई।
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नयनतारा
- फोटो : instagram
यहां तक की गुस्से में नयनतारा ने जबरन मंदिर में प्रवेश की भी कोशिश की थी। लेकिन मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। इसके बाद नयनतारा को मंदिर में प्रवेश के नियमों को तोड़ने की कोशिश के लिए माफी मांगने को कहा गया।
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प्रभुदेवा,नयनतारा
- फोटो : social media
पहले तो नयनतारा ने माफी मांगने से इंकार कर दिया और फिल्म के क्रू को भी बुला लिया। लेकिन, भक्तों की भीड़ को देखते हुए बाद में उनको माफी मांगनी पड़ी। हालांकि, बाद में उनके मैनेजर ने इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा था कि यह मामला एक्ट्रेस की ड्रेस का नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में कुछ लोगों द्वारा उन्हें छेड़ने का था।