संस्कारी बाबूजी के नाम से मशहूर अभिनेता अलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लेखिका- निर्देशक विंता नंदा ने कहा है कि मीटू अभियान में मेरा नाम आने का बाद मेरी मुश्किलें बढ़ गई थीं। वह अब फिर से सामान्य जीवन जीने के लिए मशक्कत कर रही हैं। उनकी जिंदगी में रोजाना नए बदलाव आ रहे हैं। आइए जानते हैं इस मामले में क्या कहती हैं विंता।
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alok nath, vinta nanda
- फोटो : file photo
बता दें कि विंता ने आठ अक्टूबर के एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न का ब्यौरा दिया था। विंता ने कहा है कि मीटू अभियान के तहत अपनी बात रखने के बाद मेरे प्रति एक प्रेरक माहौल बना। तनुश्री के सामने आने के बाद मीटू अभियान ने जोर पकड़ा था। मैं इस अभियान का पूरा श्रेय तनुश्री को ही देना ताहती हूं। हम सभी को उनकी हिम्मत की तारीफ करनी चाहिए।
विंता ने कहा कि यौन उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर लिखने के बाद वह सोने चली गई, जब जगी तो पाया कि चीजें पहले की तरह अब नही रही हैं। मैंने जब अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न का खुलासा किया, तब मैं यह जानती थी कि अब मुझे इसी के साथ जीना है। मैं अब फिर से सामान्य जीवन जीने के लिए मशक्कत कर रही हूं।
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alok nath
- फोटो : social media
गौरतलब है कि बीते महीने मुंबई पुलिस ने विंता की शिकायत पर आलोक नाथ के खिलाफ बलात्कार का एक मामला दर्ज किया था। नाथ पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) लगाई गई है, हालांकि, नाथ ने इन आरोपों से इंकार किया है और उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कर क्षतिपूर्ति के तौर पर एक रूपये की मांग की है।
खबर है कि आलोक नाथ पिछले कई दिनों से लापता हैं। समन से संबंधित लेटर लेकर जब उनके घर पुलिसकर्मी पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। इस बीच आलोक नाथ के वकील का कहना है कि आलोकनाथ किसी जरूरी काम की वजह से मुंबई से बाहर गए हैं और जब उनकी जरूरत होगी वो जरूर हाजिर होंगे।