टॉम ऑल्टर अब इस दुनिया में नहीं रहे। वो 67 वर्ष के थे। 22 जून 1950 को मसूरी में पैदा हुए टॉम ऑल्टर के माता-पिता अमरीकी मूल के थे। टॉम देखने में बेशक विदेशी लगते थे लेकिन उनका दिल देसी था। बचपन से ही टॉम की दिलचस्पी खेलों में थी।
टॉम की कुछ इच्छाएं थी जिसे वो मरने से पहले पूरी करना चाहते थे लेकिन उनके निधन ने उनके इस सपने को अधूरा कर दिया। टॉम ऑल्टर की इन इच्छाओं के बारे में जानने से पहले आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें...
एक इंटरव्यू में टॉम ऑल्टर ने बताया था कि वो अमेरिका की नामी यूनिवर्सिटी में पढ़ने तो जरूर गए थे पर उनका मन वहां नहीं लगा। टॉम खुद को अवारा किस्म का मानते थे जिसके लिए रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ना मुमकिन नहीं था।
जब टॉम 19 साल के थे तब वो एक टीचर की नौकरी करते थे। तनख्वाह सिर्फ 300 रुपए मिलती थी लेकिन वक्त क्रिकेट खेलते हुए, पढ़ाते हुए और इश्क फरमाते हुए वक्त गुजरता था।
टॉम को हिंदी फिल्में देखने का बड़ा ही शौक था। एक बार अपने किसी दोस्त के साथ टॉम फिल्म देखने गए थे। उस वक्त उन्होंने राजेश खन्ना का नाम नहीं सुना था लेकिन इस फिल्म में राजेश खन्ना की एक्टिंग ने टॉम को एक्टिंग के लिए प्रेरित किया और उन्होंने पुणे के एफटीआईआई में एडमिशन लिया।
यहां दाखिला लेने के बाद टॉम को फिल्मी दुनिया की असली पहचान हुई। उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि एक्टिंग करना कोई दाएं हाथ का खेल नहीं है लेकिन टॉम को खुद पर भरोसा था।