फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Suchitra Sen Death Anniversary: Know about Aandhi Movie Actress who refused DadaSaheb Phalke Award

Suchitra Sen: 'आंधी' की हीरोइन सुचित्रा सेन ने किया इंदिरा गांधी का रोल किया, राजनीतिक हलकों में मची थी हलचल

Fri, 17 Jan 2025 08:38 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Fri, 17 Jan 2025 08:38 AM IST
सार

Suchitra Sen Death Anniversary: अभिनेत्री सुचित्रा सेन की आज डेथ एनिवर्सरी है। बंगाली से हिंदी सिनेमा तक उन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों का खूब दिल जीता। कहा जाता है कि वे उसूलों की बहुत पक्की थीं। उन्होंने दादा साहब फाल्के तक ठुकरा दिया था। जानते हैं उनके बारे में...

विज्ञापन
Suchitra Sen Death Anniversary: Know about Aandhi Movie Actress who refused DadaSaheb Phalke Award
सुचित्रा सेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अभिनेत्री सुचित्रा सेन सिनेमा की दुनिया का बड़ा नाम रहीं। अपने अभिनय से ज्यादा वे अपने उसूलों के लिए जानी गईं। अदाकारा अब इस दुनिया में नहीं हैं। मगर, उनकी यादें आज भी हैं। आज 17 जनवरी को सुचित्रा सेन की पुण्यतिथि है। सुचित्रा का असली नाम रोमा दासगुप्ता था। उनका जन्म 06 अप्रैल 1931 को उस समय के बांग्लादेश के पबना जिले में हुआ था। उनके पिता करुणामय दासगुप्ता एक हेड मास्टर थे। सुचित्रा सेन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पबना से ही हासिल की। साल 1947 में 15 साल की उम्र में सुचित्रा सेन की शादी बंगाल के जाने-माने उद्योगपति आदिनाथ सेन के बेटे दिबानाथ सेन हुई थी। शादी के पांच सालों बाद सुचित्रा ने सिनेमा की दुनिया में एंट्री ली और फिल्म जगत को सुपरहिट फिल्में दीं। आइए जानते हैं उनके करियर के बारे में...

विज्ञापन

उत्तम कुमार के साथ खूब जमी जोड़ी
साल 1952 में सुचित्रा की बांग्ला फिल्म सारे चतुर रिलीज हुई, कहा जाता है कि यह उनकी पहली फिल्म थी। एक वक्त ऐसा था जब उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन की जोड़ी को बांग्ला सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध जोड़ी माना जाने लगा। दोनों ने साथ में एक से बढ़कर एक कईं हिट फिल्में कीं। साल 1953 से 1978 के बीच सुचित्रा ने हिंदी और बांग्ला कुल मिलाकर 61 फिल्में की थीं। जिनमें से 30 उत्तम कुमार के साथ थी। सुचित्रा सेन ने 1978 में फिल्म इंडस्ट्री से संन्यास ले लिया था और पब्लिक के बीच न आना बेहतर समझा। सुचित्रा सेन फेमस अभिनेत्री मुनमुन सेन की मां और रिया और राइमा सेन की नानी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

Suchitra Sen Death Anniversary: Know about Aandhi Movie Actress who refused DadaSaheb Phalke Award
आंधी - फोटो : सोशल मीडिया

इस फिल्म में किया इंदिरा गांधी का रोल
सुचित्रा सेन ने कई बॉलीवुड फिल्मों में दमदार किरदार किए। दिलीप कुमार की 'देवदास' (1955) में वे पारो की भूमिका में नजर आईं। सुचित्रा की जिस फिल्म की खूब चर्चा हुई और जो विवादों में भी रही, वह थी 'आंधी'। यह फिल्म उस साल रिलीज हुई, जिस साल आपातकाल लगा यानी साल 1975। आपातकाल जून में लगा और उससे कुछ महीने पहले फरवरी में फिल्म 'आंधी' रिलीज हुई। इसमें सुचित्रा का किरदार आरती सिंह दरअसल, इंदिरा गांधी से प्रेरित बताया गया। अभिनेत्री का लुक भी पूर्व पीएम जैसा ही देखने को मिला। 'आंधी' को पहली एजेंडा फिल्म माना गया। दावे किए गए कि यह फिल्म इंदिरा गांधी की छवि खराब करने के लिए बनाई गई। इस फिल्म पर काफी विवाद हुआ और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी। बाद में इमरजेंसी लगने के बाद तो फिल्म पर बैन ही लगा दिया गया। इस फिल्म में सुचित्रा के अपोजिट संजीव कुमार नजर आए।

विज्ञापन

राज कपूर और सत्यजीत रे के ऑफर ठुकराए
सुचित्रा सेन के बारे में कहा जाता है कि वे उसूलों की बहुत पक्की थीं। फिल्मों का चयन करने के मामले में वे बिल्कुल ढिलाई नहीं बरतती थीं। कोई भी फिल्म काफी सोच विचार करने के बाद चुनतीं, जिस वजह से उन्हें कई बड़े फिल्मकारों के प्रस्ताव ठुकराने पड़े। उन्होंने राज कपूर की फिल्म को भी एक पल में ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि सुचित्रा सेन ने राज कपूर की फिल्म सिर्फ इसलिए ठुकरा दी, क्योंकि राज कपूर का झुक कर फूल देने का तरीका उन्हें पसंद नहीं आया था। दिग्गज फिल्मकार सत्यजीत रे की फिल्म का ऑफर भी सुचित्रा ने ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि सुचित्रा को लेकर वे फिल्म देवी चौधुरानी बनाना चाहते थे, लेकिन इसे भी सुचित्रा ने मना कर दिया।

यह खबर भी पढ़ें:
Bhojpuri Film: भोजपुरी सिनेमा में भी मिलेगी मनोरंजन की जबर खुराक, खेसारी से निरहुआ तक परदे पर छाएंगे ये सितारे

इस वजह से ठुकरा दिया दादा साहब फाल्के पुरस्कार 
सुचित्रा के बारे में कहा जाता है कि वो बहुत ही स्वाभिमानी थीं, निजी जिंदगी में उसूलों वाली एक्ट्रेस थीं। कहा जाता है कि एक बार उन्होंने मन में जो ठान लिया उसे किसी भी हाल में करके रहती थीं। ऐसे कम ही लोग हैं जिन्हें पता है कि सुचित्रा ने दादा साहब फाल्के पुरस्कार को ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि सिर्फ इसलिए उन्होंने यह सम्मान लेने से मना किया क्योंकि इसके लिए उन्हें कोलकाता से दिल्ली जाना पड़ता और दूसरा उन्होंने पब्लिक के बीच न जाने का भी वादा किया हुआ था। साल 2014 में सुचित्रा ने 82 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था।

यह खबर भी पढें:
Coldplay: टिकटों की कालाबाजारी से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट की टिप्पणी, कहा- कार्रवाई करना सरकार का काम

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed