आज के समय में जो तेज है, उसी को ज्यादा महत्व दिया जाता है। लेकिन यह शर्त हर क्षेत्र में लागू नहीं हो सकती। कुछ चीजें धीमे-धीमे ही आगे बढ़ती हुई अच्छी लगती हैं। जैसे कि संगीत। तेज रफ्तार से दौड़ती इस दुनिया ने संगीत को भी उसी तराजू में तौल दिया है। यही कारण है कि तेजी से बढ़ रहे कलाकार और गीतों की भीड़ में अच्छा संगीत भी हवा हो जाता है, और किसी को याद भी नहीं रहता।
जिन गीतों में आत्मा होती है, वे आज भी उतने ही सराहे जाते हैं: तुलसी कुमार
हिंदी संगीत की दुनिया की गायिका तुलसी कुमार का मानना भी कुछ ऐसा ही है। वह कहती हैं कि सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों के पास वैरायटी बहुत हो गई हैं। तुलसी ने कहा, 'एक समय था जब लोगों के पास कुछ ही गीत होते थे, जिन्हें वे दिल लगाकर सुनते थे। लेकिन अब आए दिन गाने रिलीज होते हैं, इसलिए लोगों के पास चुनाव करने के लिए विकल्प बहुत हैं। हर रोज नए-नए कलाकार भी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ रहे हैं। पहले सिर्फ फिल्मी गाने हुआ करते थे, लेकिन अब बिना फिल्म वाले गीत भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।'
राग प्रधान गीत पहले भी लोगों के जेहन में घर कर जाते थे, आज भी हाल कुछ वैसा ही है। तुलसी कहती हैं, 'ऐसा नहीं है कि सभी गाने एक जैसे हैं। जिन गीतों में भावनाएं होती हैं, वो आज भी लंबे समय तक टिके रहते हैं। मैं अपने ही गीतों का उदाहरण दूं तो मेरा 2010 में आया गाना 'तुम जो आए जिंदगी में बात बन गई' और फिल्म एयरलिफ्ट का गाना 'सोच न सके' आज भी मैं रेडियो पर सुनती हूं। तो जिन गीतों से भावनाएं जुड़ी होती हैं, वे आज भी बहुत पसंद किए जाते हैं, और किए जाते रहेंगे।'
हाल ही में तुलसी ने फिल्म 'मलंग' के गीत 'फिर न मिलें कभी' का रिप्राइज वर्जन गाया है। अंकित तिवारी का गाया यह गीत उन्हें बहुत पसंद आया था, इसलिए उन्होंने इसका रिप्राइज वर्जन बनाने का फैसला किया। वह बताती हैं, 'जब मैंने यह गाना पहली बार सुना तो मुझे इसके बोल बहुत अच्छे लगे। कुछ लोगों ने भी मुझसे कहा कि इस गीत को महिलाओं के नजरिए से भी गाया जाना चाहिए। व्यक्तिगत तौर पर इस गाने के बोल मेरी जिंदगी से बहुत मेल खाते हैं। यह कहना शायद हर उस इंसान से संबंध रखता है, जिसने जिंदगी में कभी किसी से प्यार किया हो और बात ना बनी हो।'
ज्ञात है कि यह सिर्फ एक रिप्राइज वर्जन है। इसका वीडियो भी कोई कहानी नहीं कहता है। इसलिए इस वीडियो को फिल्माने में भी सिर्फ चार घंटे का ही वक्त लगा था। तुलसी कहती हैं, 'माना कि यह एक रिप्राइज वर्जन है। भले ही इसको फिल्माने में वक्त नहीं लगा हो, लेकिन काम उतना ही करना पड़ा, जितना कि एक ताजा गाने पर करना होता है। गाने को वैसा ही महसूस करके गाना होता है, और वैसी ही भावनाएं दिखानी पड़ती है। तभी उस गाने की आत्मा सुनने वाले के अंदर समाहित होती हैं।'
कोरोना के इस दौर में सभी शूटिंग बंद हैं। लेकिन इस गाने की शूटिंग लॉकडाउन के एक हफ्ते पहले ही पूरी कर ली गई थी। तुलसी ने बताया, 'यह गाना लॉकडाउन से पहले ही बनकर तैयार हो गया था। अब ऐसे माहौल में लोग घर में बैठे हुए हैं, तो हमें लगा कि इस गाने को रिलीज करने का सबसे अच्छा समय यही होना चाहिए। लोग घरों में बैठे हैं, तो हम जैसे संगीतकारों का फर्ज बनता है कि उनको घर में बैठे बिठाए अपने गीतों से उनका मनोरंजन करें। यह माहौल बहुत तनावपूर्ण हैं। ऐसे में जब वे कुछ नया सुनेंगे तो उनका दिमाग थोड़ा आरामदायक महसूस करेगा।'
तुलसी कुमार को बचपन से ही है संगीत में ही बहुत रुचि रही है। वे बताती हैं कि चाहे स्कूल में किसी प्रतियोगिता में भाग लेना हो, या घर पर आकर टीवी देख कर गाने गुनगुनाने हों, वे सब कुछ किया करती थीं। उन्होंने बताया, 'जब मैं छः साल की थी, तब मेरे माता-पिता ने मेरे इस हुनर को पहचाना। उन्होंने जब मुझसे पूछा कि क्या तुम संगीत में रुचि रखती हूं, और क्या तुम इस की तैयारी करना चाहोगी? तो मैंने सोचा कि ये करने में तो मुझे बहुत मजा आता है। मैं तो इसे जरूर करना चाहूंगी।'
अपनी अब तक की संगीत यात्रा के बारे में बताते हुए तुलसी कहती हैं, 'मेरी रुचि जानकर ही मेरे पिताजी ने मुझे सुरेश वाडेकर जी की अकादमी में दाखिला दिलवा दिया। उनकी अकादमी मेरे घर से काफी दूर थी। मैं स्कूल के बाद अक्सर समय से वहां पहुंचा देती थी। जब मेरी क्लास होती थी, तो मैं उससे सोचकर बहुत उत्साहित रहती थी। वहीं से मैंने सीखना शुरू किया, और यह करते-करते मैंने कुछ धार्मिक गीतों को गाया। उसके बाद कुछ रीमिक्स गाने भी गाए। तब जाकर मुझे फिल्म 'अक्सर' में एक गीत 'जनाबे जानिया' को गाने का मौका मिला।'
अपने पहले गाने के बारे में बताते हुए तुलसी कहती हैं, 'मैंने पहला गाना जब फिल्म 'अक्सर' के लिए 'जनाबे जानिया' गाया, उस समय मेरी मुलाकात फिल्म के संगीतकार हिमेश रेशमिया से हुई। उन्होंने जब मेरी आवाज को सुना तो उसकी बहुत तारीफ की। उन्होंने लगा कि मेरी आवाज को इस गाने में बहुत अच्छे से सेट किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने मुझे वह गीत गाने का मौका दिया। और बाद में वह गीत काफी लोकप्रिय हुआ। उसके बाद से मेरी गाड़ी चल पड़ी, और अभी तक चल रही है।'