बॉलीवुड फिल्म में एक विलेन उतना ही जरूरी होता है जितना कि एक हीरो क्योंकि अगर विलेन खतरनाक नहीं है तो हीरो की जीत में उतना मजा नहीं आता। किसी भी फिल्म में हीरो को टक्कर देने के लिए एक विलेन का होना काफी जरूरी है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पॉपुलर विलेन का रोल करने वाले शरत सक्सेना का आज जन्मदिन है। तो चलिए इस खास दिन पर जानते हैं अभिनेता की जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।
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शरत सक्सेना
- फोटो : सोशल मीडिया
शरत सक्सेना आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता का जन्म 17 अगस्त 1950 को मध्य प्रदेश के सतना में हुआ था। शरत सक्सेना ने विलन बनकर खूब डराया तो अपनी कॉमेडी से लोगों को हंसाया भी है। अपने लंबे फिल्मी करियर में अभिनेता स्क्रीन पर हीरो से पिटते ही रहे हैं, लेकिन फिर भी आज वह दर्शकों के दिल में वह जगह बनाने में कामयाब हो पाए हैं, जो बाकी के स्टार्स के लिए सपना होता है।
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शरत सक्सेना
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अभिनेता ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत निर्देशक नरेंद्र बेदी की अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म 'बेनाम' से साल 1974 में की थी। शरत ने अपने करियर में 250 से अधिक फिल्मों में काम किया है, लेकिन अभिनेता को असल पहचान फिल्म मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म 'बॉक्सर' से मिली थी। इस फिल्म में शरत के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा गया था।
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शरत सक्सेना
- फोटो : Twitter
अभिनेता के करियर की बात करें तो शरत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर एक्टिंग को अपने मुकद्दर के रूप में चुना था। अभिनय के लिए वह मुंबई में आ गए थे, लेकिन यहां आकर उन्हें पता लगा कि फिल्मों में काम मिलना इतना आसान नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने कैमरा ले लिया। एक दिन धर्मेंद्र जी के भाई वीरेंद्र की फोटोज खींचने गए। वहां उन्होंने मुझसे पूछ लिया कि तुम भी एक्टर बनना चाहते हो? मैंने कहा- हां इरादा तो है। फिर उन्होंने फोटोज मंगवाई और उसे लेकर घूमा करते थे। स्टूडियो जाकर दिखाते थे। फिर रमेश बहल के यहां से काम मिल गया, जिसके बाद काला पत्थर में धन्ना का रोल मिल गया।
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शरत सक्सेना
- फोटो : सोशल मीडिया
एक इंटरव्यू में शरत ने इस बात का भी खुलासा किया था कि उनके लिए बॉडी बनाना मुसीबत बन गया था। शरत ने कहा था, 'उस जमाने में अगर कोई आदमी कसरत कर लेता था या फिर बॉडी बना लेता था तो पहलवान लगता था तो उसे लेबर क्लास समझा जाता था। वह न एक्टर बन सकता था, न तो राइटर न कुछ और। इसलिए प्रोड्यूसर को हमारे अंदर एक्टर नहीं, फाइटर या जूनियर आर्टिस्ट नजर आता था।’