हाल ही में सलमान की फिल्म ट्यूबलाइट फ्लॉप हो गई है। आज सलमान खान एक मेगा स्टार हैं और उनका यह स्टारडम आसमान छूता है। लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। सलमान जब इंडस्ट्री में नए-नए स्टार बने थे। तब उनकी हर फिल्म सुपरहिट नहीं होती थी और फ्लॉप देने से सलमान के करियर पर फर्क भी पड़ता था।
90 के दशक में सलमान के करियर का ग्राफ चढ़ता-गिरता रहता था। जब-जब उनका ग्राफ गिरने लगता तब-तब उन्होंने किसी दूसरे एक्टर का सहारा लेकर अपने खोते स्टारडम को वापस हासिल किया।
एक समय था जब सलमान इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे और संजय दत्त इंडस्ट्री में अपने पैर जमा चुके थे। साल 1991 में सल्लू मिंया ने संजय दत्त के साथ फिल्म साजन की थी। फिल्म अपने संगीत और एक्टर्स के जानदार अभिनय के कारण सुपरहिट साबित हुई और इसका सीधा फायदा सलमान को हुआ। उनके लिए साजन का चलना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि इससे ठीक पहले उनकी फिल्म कुर्बान बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी।
फिल्म साजन के बाद सलमान के सितारे फिर से गर्दिश में चले गए और इसके बाद उन्होंने लगातार 5 फ्लॉप फिल्में दीं। इसके बाद सलमान को फिर एक मल्टीस्टारर का सहारा लेना पड़ा। फिल्म थी अंदाज अपना-अपना और सहारा बने थे आमिर खान। करिश्मा और रवीना भी इस फिल्म का हिस्सा थीं। अंदाज अपना-अपना फिल्म भी एक कल्ट कॉमेडी के रूप में जानी जाती है।
1994 में हम आपके हैं कौन से जबरदस्त वापसी करने वाले सलमान की अगली ही फिल्म चांद का टुकड़ा ढेर हो गई थी। इसके बाद सलमान और शाहरुख की फिल्म आई करण-अर्जुन। इस फिल्म ने 70 करोड़ का बिजनेस किया था और एक बार फिर सलमान को शाहरुख के रूप में सहारा मिल गया था।