हिंदी सिनेमा के बिंदास अभिनेता जैकी श्रॉफ ने फिल्म ‘हीरो’ की अपनी पहले दिन की शूटिंग का एक दिलचस्प राज खोला है। दिग्गज अभिनेता, निर्देशक देव आनंद की खोज माने जाने वाले जैकी श्रॉफ ने ये भी खुलासा किया है कि उन्हें सुपरस्टार बनाने वाले निर्माता निर्देशक सुभाष घई का उनकी जिंदगी में क्या स्थान है। कम लोगों को ही पता होगा कि जैकी श्रॉफ की शादी में उनकी पत्नी बनीं मॉडल आयशा का कन्यादान सुभाष घई ने ही किया था।
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जैकी श्रॉफ, गोविंदा, शक्ति कपूर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
छोटे पर्दे के चर्चित सिंगिंग रियलिटी शो ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’ के फिनाले में गोविंदा और शक्ति कपूर के साथ खास मेहमान बनकर पहुंचे जैकी श्रॉफ ने इसकी शूटिंग के दौरान खूब मस्ती की। फिनाले की शूटिंग में जब इसकी फाइनलिस्ट रनिता और तनिष्का ने फिल्म ‘राम लखन’ का गाना ‘तेरा नाम लिया, तुझे याद किया..’ गाया तो जैकी वाकई यादों में गुम हो गए।
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जैकी श्रॉफ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अपने करियर के शुरूआती दिनों को याद करते हुए जैकी ने कहा, ‘सुभाष घई उनके परिवार की तरह हैं। मेरी पत्नी का कन्यादान फेरों के वक्त उन्होंने ही किया था। मैं उन्हें अपना गुरु, भाई और प्रशिक्षक मानता हूं। ये सच है कि देव साब मुझे इंडस्ट्री में लेकर आए लेकिन, मुझे ‘हीरो’ बनाने का काम सुभाष घई ने ही किया। मैं फिल्म ‘स्वामी दादा’ में विलेन बनकर आया था, लेकिन मुझे हीरो सुभाष जी ने ही बनाया।’
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जैकी श्रॉफ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
शूटिंग के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि फिल्म ‘हीरो’ में जैकी श्रॉफ को काम मिला कैसे, क्या कोई ऑडीशन या लुक टेस्ट वगैरह सुभाष घई ने उनका नाम फाइनल करने से पहले किया? इस पर जैकी श्रॉफ ने बताया, ‘नहीं, फिल्म ‘हीरो’ के लिए मेरा कोई स्क्रीन टेस्ट नहीं हुआ। उन्होंने मुझे बस जमीन पर गुलाटी मारने को कहा। कितनी गुलाटियां मैंने मारी होंगी, मुझे खुद याद नहीं। उस वक्त ये भले अजीब लगा हो लेकिन बाद में मुझे समझ आया कि ये सब मेरी फाइटिंग की ट्रेनिंग का हिस्सा था।’
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जैकी श्रॉफ
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जैकी श्रॉफ ने शो की शूटिंग के दौरान खूब किस्से सुनाए, लेकिन सबसे दिलचस्प किस्सा रहा, उनके फिल्म ‘हीरो’ की शूटिंग के लिए पहले दिन सेट पर पहुंचने का। चेहरे पर शैतानी भरी मुस्कुराहट लाते हुए जैकी बताते हैं, ‘मेरे बारे में तो सब जानते ही हैं, मैं ज्यादा शोबाजी में यकीन करता नहीं। शुरू से ऐसा ही हूं मैं। तो शूटिंग पर भी मैं हाफ पैंट और बनियान में पहुंच गया। सुभाष घई ने मुझे देखा तो एकदम से पकड़ के मुझे एक बाजू ले गए। उधर, ड्रेसिंग रूम था। वहीं फटाफट मुझे कुर्जा पाजामा पहनाया गया। इसके बाद वह मुझे संजीव कुमार, शम्मी अंकल और वीरू जी से मिलाने ले गए।’