हिंदी जगत में बहुत से कलाकार हुए लेकिन कुछ कलाकार ऐसे भी रहे जिन्हें दुनिया ने सिर्फ अभिनय ही नहीं बल्कि उनकी शख्सियत की वजह से भी याद रखा। इसमें दिग्गज अभिनेता राजकुमार का नाम शामिल है। राजकुमार एक ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने बेहद अलग अंदाज में अपनी जिंदगी जी और कभी किसी चीज की परवाह नहीं की। वह इंडस्ट्री के सबसे बेबाक और मुंहफट कलाकार थे। किसी से भी मजाक कर लेना, किसी का भी मजाक उड़ा देना इन सब बातों पर राजकुमार ज्यादा सोच विचार नहीं करते थे।
इस वजह से चोरी छिपे किया गया था राजकुमार का अंतिम संस्कार
उन्हें इस बात से फर्क ही नहीं पड़ता था कि कौन उनसे नाराज है और कौन खुश वह बस अपना काम संजीदगी से करते थे और दुनिया उनके हुनर की कायल थी। राजकुमार की तो वह शख्सियत थी कि उनके आगे अमिताभ, धर्मेंद्र, सलमान, गोविंदा, जीनत अमान जैसे दिग्गज कलाकार कुछ नहीं कह पाते थे। हालांकि ऐसे बड़े कलाकार का अंतिम संस्कार बेहद ही चोरी छिपे किया गया था जिसमें कोई भी शामिल नहीं हुआ था।
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राजकुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
राजकुमार की सुपरहिट फिल्म तिरंगा के निर्देशक मेहुल कुमार ने इसकी वजह बताई थी। दरअसल राजकुमार ने मरने से पहले खुद सबको सख्त हिदायत दी थी कि कोई भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होगा। राजकुमार ने मेहुल को बताया था कि वह नहीं चाहते कि उनकी अंतिम यात्रा में कोई शामिल हो।
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राज कुमार
- फोटो : Twitter
राजकुमार मेहुल कुमार की फिल्म मरते दम तक में अपनी मौत का सीन फिल्मा रहे थे। एक इंटरव्यू में मेहुल ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब सीन के दौरान उनकी शमशान यात्रा निकली तो उन्हें गाड़ी में सुलाया गया। मैंने उन्हें फूल माला पहनाई तो उन्होंने कहा कि जानी अभी पहना लो हार जब जाएंगे तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब हम गए।
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राज कुमार
- फोटो : twitter: @Bollywoodirect
मेहुल ने आगे कहा था कि, 'उस वक्त मैंने उनसे कुछ नहीं कहा और सीन पूरा हुआ। शूटिंग खत्म होने के बाद रात को मैंने उनसे पूछा था कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। उस वक्त राजकुमार ने कहा कि जानी तुमको मालूम है, लोग शमशान यात्र को तमाशा बना देते हैं। लोग अच्छे सफेद कपड़े पहनकर आएंगे फिर मीडिया वाले आएंगे। एक मरे हुए व्यक्ति को सम्मान देने के बजाय तमाशा बना दिया जाता है'।
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राज कुमार
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राजकुमार ने आगे कहा था कि, 'जब भी उनकी मौत हो उनके अंतिम संस्कार में सिर्फ घर के लोग शामिल हों उसमें मेरे परिवार के अलावा और कोई भी ना हो'। वही हुआ जो राजकुमार चाहते थे। उनकी अंतिम यात्रा बहुत ही गुपचुप तरीके से हुई जिसमें सिर्फ परिवार के लोग शामिल हुए थे।