संजय लीला भंसाली के लिए मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। दरअसल, उन्हें एक बार फिर फिल्म 'पद्मावती' के विरोध का दंश झेलना पड़ रहा है..
बता दें कि चितौड़गढ़ की महारानी पद्मावती पर बन रही फिल्म का राजपूत करणी सेना विरोध कर रही है। उन्होंने इस बार राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए चितौड़गढ़ को बंद कर दिया गया है।
खबर है कि करणी सेना फिल्म में पद्मावती की डांस को लेकर खफा हैं। उनका कहना है कि 'पद्मावती' पर फिल्माए जाने वाले कुछ किरदार सच्चाई से परे हैं और इनका इतिहास और किताबों में कहीं भी उल्लेख नहीं है। विरोधियों ने यहां तक कहा कि पद्मावती कभी अलाउद्दीन खिलजी से मिली ही नहीं।
वहीं, दूसरी ओर मलिक मो. जायसी ने जो अलाउद्दीन के पद्मावती को शीशे में देखने की बात लिखी है उसको लेकर भी विरोध किया जा रहा है। बता दें कि चुनाव आयोग ने उस मांग को भी खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के चलते फिल्म 'पद्मावती' की रिलीज पर रोक लगाई जाए या इसे आगे बढाया जाए।
भाजपा और कांग्रेस की गुजरात इकाईयों ने आयोग को पत्र लिखकर मांग की थी कि फिल्म को प्रतिबंधित कर दिया जाए या इसकी रिलीज की तारीख को आगे बढ़ा दिया जाए। पत्र में उन्होंने कहा था कि फिल्म की रिलीज से राजपूत समुदाय की भावनाएं हो सकती हैं जैसा कि राजपूत समुदाय के प्रतिनिधि कह रहे हैं।