संजय लीला भंसाली की फिल्म
'पद्मावती' एक बार फिर चर्चा में है। खबर आ रही है कि ये फिल्म अगले साल मार्च से पहले रिलीज नहीं हो पाएगी। सबसे पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) पद्मावती की समीक्षा के लिए इतिहासकारों की समिति गठित करेगा।
प्रमाणन बोर्ड में मौजूद सूत्र ने बाताया कि 'पद्मावती' के निर्माताओं ने फिल्म के प्रमाणन के लिए भेजे अपने आवेदन के साथ अस्पष्ट डिस्क्लेमर लगाकर मामले को लंबा कर दिया। आपको बता दें कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पहले निमार्ताओं के पास वापस भेज दिया था, क्योंकि उन्होंने डिसक्लेमर का कॉलम खाली छोड़ दिया था।
सूत्रों की माने तो सेंसर बोर्ड ने कहा है कि 'पद्मावती' को जनवरी में ही प्रमाणित किया जा सकता है क्योंकि 'पद्मावती' से पहले करीब 40 फीचर फिल्में कतार में हैं। फिलहाल समीक्षा के लिए सेंसर बोर्ड के पास फिल्मों को देखने के लिए सामान्य जांच समिति भी नहीं है। ऐसे में जाहिर है फिल्म मार्च से पहले रिलीज महीं हो पाएगी।
बता दें, फिल्म पद्मावती की रिलीज के चलते विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के सदस्य भंसाली, दीपिका और रणवीर को धमकी दे रहे हैं। राजपूत करणी सेना ने एक्ट्रेस की नाक काटने की धमकी दी है। जिसके बाद फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाई जा चुकी है। फिल्म की रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है।