बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता कबीर खान की पत्नी मिनी माथुर ने शादी के बाद अपने नाम के आगे खान न लगाने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि उन्होंने अपना सरनेम क्यूं नहीं बदला एक पोडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 'मिनी माथुर' उनकी पहचान है और वह किसी भी हालत में अपना नाम कभी नहीं बदलेंगी।
Mini Mathur: कबीर खान की पत्नी मिनी माथुर ने क्यों नहीं लगाया 'खान' सरनेम, एक्ट्रेस ने बताई यह बड़ी वजह
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि जब उनके नाम से जुड़ी कागजी कार्रवाई की बात आती है तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब भी ऐसी स्थिति आती है तो वह इससे लड़ती हैं। एक वैचारिक मुद्दा होने के अलावा, उसका नाम न बदलना भी एक वजह भी है क्योंकि उसे पासपोर्ट से लेकर बैंक तक सभी आधिकारिक दस्तावेजों में अपना नाम बदलवाना होगा जो बहुत परेशानी का सबब होगा और न तो वह और न ही कबीर इसके लिए तैयार थे।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उसका नाम न बदलने का विचार कबीर का था और न कि वह कभी इसे बदलने का इरादा रखती थी और यह कि दोनों के बीच कभी कोई चर्चा नहीं हुई। मिनी ने यह भी कहा कि महिलाओं को अपना मूल नाम रखना चाहिए, लेकिन चेतावनी दी कि इससे उन्हें कुछ परेशानी हो सकती है जैसे पासपोर्ट कार्यालय में जहां अधिकारी आपके पिता का नाम या पति का नाम चाहते हैं जिसके बिना आप उनके लिए कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने स्कूल सर्टिफिकेट में अपने धर्म या अपने पति के नाम का उल्लेख करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया।
मिनी माथुर और फिल्म निर्माता कबीर खान 25 साल से अपनी से खुशी-खुशी अपनी शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं। एक मीडिया संस्थान से हाल ही में बातचीत में कबीर खान ने मिनी के परिवार से शादी करने का फैसला करने पर विरोध की कमी के बारे में भी विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा, 'मिनी बेहद पारंपरिक माथुर परिवार से आती हैं।'
उन्होंने कहा कि धर्म वास्तव में कभी भी एक मुद्दा नहीं था और शुरू में, मिनी ने सोचा कि उसके विस्तारित परिवार को समझाने की कोशिश करने में कोई समस्या होगी लेकिन यह बहुत सुंदर है कि कैसे उन सभी ने मुझे स्वीकार किया। हमने शादी की, रस्में दोनों तरफ से कीं, हमसे ज्यादा घरवालों के लिए। मैं वास्तव में एक नास्तिक हूं इसलिए मैं वास्तव में ईश्वर और धर्म में विश्वास नहीं करता हूं इसलिए मेरे लिए यह सब स्वीकार करना बहुत आसान था हमारे कई झगड़े हुए, हमारे बहुत सारे मुद्दे थे ,लेकिन धर्म कभी नहीं रहा।"
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