सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्में पोस्टर जलाने, पुतले फूंकने और सिनेमाघरों पर दंगे करने से प्रभावित होती थीं लेकिन ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्में सोशल मीडिया पर दी जाने वाली धमकियों से ही परेशान हैं। इस परेशानी का जीता जागता सबूत है अभिनेता अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म 'लक्ष्मी बम' का रिलीज हुआ ट्रेलर।
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लक्ष्मी बम
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
यह ट्रेलर शुक्रवार को ही रिलीज हुआ है और इसे यूट्यूब पर देखा जा सकता है। लेकिन, सिर्फ देख सकते हैं, पसंद या नापसंद नहीं कर सकते। और अगर कर भी रहते हैं तो किसी को पता ही नहीं चलेगा कि कितने लोगों ने इसको पसंद किया और कितने लोगों ने नापसंद।
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लक्ष्मी बम
- फोटो : file photo
दरअसल, इस फिल्म के निर्माताओं ने ट्रेलर को एक अलग ही प्राइवेसी लगा कर रिलीज किया है। उन्होंने ट्रेलर को देखे जाने वालों की संख्या तो खुली छोड़ रखी है लेकिन इसे पसंद और नापसंद करने वालों के सिस्टम को बंद कर दिया है। और यह इसलिए हुआ है क्योंकि ओटीटी पर रिलीज होने वाली पिछली कुछ फिल्मों के ट्रेलर ने नापसंद होने के कई रिकॉर्ड बनाए हैं। यही डर निर्माताओं को अंदर ही अंदर खाए जा रहा था कि कहीं ऐसा न हो कि अक्षय कुमार की फिल्म का ट्रेलर भी लोगों की नापसंद की भेंट चढ़ जाए। इससे फिल्म देखने वालों की संख्या में भी कमी आ सकती है।
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लक्ष्मी बम
- फोटो : file photo
निर्माताओं के डर का कारण यह भी रहा कि कुछ दिन पहले ही अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके लोगों से प्रार्थना की थी कि वे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के हर एक कलाकार को एक नजर से न देखें। उन्होंने यह माना कि बेशक इस इंडस्ट्री में ड्रग्स का सेवन किया जाता है लेकिन हर इंसान इस काम में सम्मिलित नहीं है।
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फिल्म- लक्ष्मी बम
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अक्षय के इस वीडियो का इंडस्ट्री के लोगों ने तो समर्थन किया लेकिन सोशल मीडिया पर मौजूद ट्रोलर्स ने अक्षय को जमकर लपेटा। इस वीडियो का असर यह हुआ कि अक्षय की फिल्म के ट्रेलर रिलीज होने से पहले ही इसका बहिष्कार करने की मांग उठ रही थी। निर्माताओं ने एक सोची समझी साजिश के तहत पसंद और नापसंद झमेला ही खत्म कर दिया।