कनिका कपूर कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और इस वक्त उन्हें लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में रखा है। लंदन से लौटने के बाद कनिका कई पार्टियों में शामिल हुई थीं और कई लोगों से भी मिली थीं। शुक्रवार को कनिका के खिलाफ लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई जिसमें भारी गड़बड़ी हो गई।
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Kanika Kapoor
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पुलिस का कहना है कि कनिका कपूर पर लापरवाही के कारण केस दर्ज किया गया है। ये केस पुलिस ने लखनऊ के चीफ मेडिकल ऑफिसर की शिकायत के बाद दर्ज किया गया है। सीएमओ की एफआईआर के मुताबिक कनिका को एयरपोर्ट पर ही संक्रमित पाया गया था और वहां उन्हें होम क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने नियम तोड़ते हुए कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
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कनिका कपूर
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कनिका कपूर के लौटने की तारीख एफआईआर में 14 मार्च लिखी गई, जो गलत है। हालांकि लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने एफआईआर की एक गलती स्वीकार कर ली है। लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने कहा कि सीएमओ की ओर से एफआईआर के लिए आई रिपोर्ट में गलती से उनके (कनिका कपूर) आने की तिथि 14 मार्च लिखी गई। असल में वह 11 मार्च को आई थी। जांच में ये बात सही कर ली जाएगी।
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Corona in Italy
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क्या एयरपोर्ट पर है कोरोना वायरस के टेस्ट की सुविधा?
जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस का टेस्ट सिर्फ लैब में होता है। एयरपोर्ट पर सिर्फ तापमान की जांच की जाती है। अगर किसी का तापमान औसत से ज्यादा होता है तो उसे संदिग्ध मानकर उसका सैंपल लैब में भेजा जाता है।
खुद ही फंस गए सीएमओ
अपनी ही तरफ से की गई एफआईआर में सीएमओ खुद फंस रहे हैं। नियमत: कनिका के संक्रमण की जानकारी मिलते ही उन्हें उसके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को जरूरी निर्देश देने चाहिए थे, जबकि उन्होंने होम क्वारंटीन कहकर पूरा मामला रफा-दफा कर दिया।