अभिनेता कबीर बेदी केवल अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी काफी चर्चा में रहे हैं। अब उन्होंने अपनी बायोग्राफी ‘स्टोरीज आई मस्ट टेल: द इमोशनल लाइफ ऑफ द एक्टर’ रिलीज किया है। इन पुरानी यादों में कबीर बेदी ने अपनी पहली पत्नी प्रतिमा बेदी के साथ ओपन मैरिज और परवीन बाबी के साथ अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बताया है।
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कबीर बेदी-परवीन बाबी
- फोटो : सोशल मीडिया
कबीर बेदी लिखते हैं कि लोगों को लगता है कि उनका ओपन मैरिज में होना खुशकिस्मती थी, मगर इस ओपन मैरिज ने प्रतिमा के साथ उनके रिश्ते को खत्म कर दिया। उन्होंने लिखा, 'हमारी ओपन मैरिज शुरू में अच्छा आइडिया लगा, मगर मुझे इससे बहुत बेचैनी होने लगी थी क्योंकि हमारी नजदीकियां बिल्कुल खत्म हो गई थीं। जिस प्यार-दुलार की मुझे जरूरत थी वह बिल्कुल नहीं था और मैं खुद को अकेला महसूस करता था। इस खालीपन को वक्त के साथ परवीन बाबी ने भर दिया।'
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कबीर बेदी-परवीन बाबी
- फोटो : सोशल मीडिया
कबीर बेदी ने लिखा, 'जब घर पर प्रतिमा पहुंची तो मैंने उन्हें बताया कि मैं रात में परवीन के पास जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि वह अभी आई हैं तो कम से कम उस रात मैं उनके साथ रुकूं। मगर मैंने मना कर दिया और कहा कि आज रात ही नहीं बल्कि हर रात परवीन के साथ ही रहना चाहता हूं। इसके बाद प्रतिमा खामोश होकर रोने लगीं और मुझसे वहां से जाने को कहा। इस तरह हमारी ओपन मैरिज खत्म हो गई।'
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कबीर बेदी-परवीन बाबी
- फोटो : सोशल मीडिया
कबीर बेदी ने बताया है कि किस तरह मीडिया में उन्हें विलन की तरह पेश किया गया। उन्होंने लिखा, 'पहली बार स्टारडस्ट में परवीन बाबी के मानसिक रोग के बारे में लिखा गया। इसमें परवीन बाबी की बीमारी के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया गया कि मैंने उन्हें छोड़ दिया। जबकि सच्चाई यह है कि परवीन ने ही मुझे छोड़ दिया था और जब मैं उनकी मदद करना चाहता था तो उन्होंने इससे भी इनकार कर दिया था।'
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कबीर बेदी
- फोटो : Twitter
परवीन बाबी के संबंध कबीर बेदी के अलावा महेश भट्ट और डैनी डेन्जोंगपा से भी थे। 20 जनवरी 2005 को अकेले घर में उन्होंने दम तोड़ दिया। तीन दिनों तक लाश बेड पर सड़ती रही। जब दरवाजे से ब्रेड-दूध नहीं हटा तो किसी ने पुलिस को खबर दी थी। कबीर उनके निधन पर लिखते हैं, ‘आखिर में, मुझे पता चला कि परवीन की मौत कैसे हुई थी। महेश, डैनी और मैं, उनके अंतिम संस्कार के लिए जुहू में कब्रिस्तान में गए थे। इस्लामिक तरीके से उनका शव दफनाया गया। मुझे महसूस हुआ वह मुझसे मिले दुख से पीड़ित थीं। हम में से प्रत्येक ने उन्हें न जाने कितने तरीकों से जाना था। हम में से हर कोई उनसे प्यार करता था।'