साउथ सिनेमा की तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय सितारे जूनियर एनटीआर का पूरा नाम नंदमुरी तारक राम राव जूनियर है। उन्हें तारक के नाम से भी जाना जाता है। जूनियर एनटीआर तेलुगु सिनेमा के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले सितारे हैं। एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी फिल्म 'आरआरआर' ने जूनियर एन टी आर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। आज नियर एनटीआर का जन्मदिन है। आइए जानते हैं, उनके जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें...
Jr NTR: पहली फिल्म में बने भरत और दूसरी में राम, जूनियर एनटीआर की यशगाथा के ये हैं 10 दिलचस्प अध्याय
दादाजी ने दिया अपना नाम
जूनियर एनटीआर का जन्म 20 मई 1983 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के निम्मकुरु में हुआ था। उनके पिता नंदमुरी हरिकृष्णा फिल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं। जूनियर एनटीआर का शुरू में तारक नाम था, लेकिन उनके दादा के सुझाव पर उनका नाम बदलकर जूनियर एनटी रामाराव कर दिया गया। उनके दादा एन टी रामाराव तेलुगु फिल्मों के दिग्गज अभिनेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं।
राम बनकर पाई प्रसिद्धि
जूनियर एनटीआर ने सात साल की उम्र में साल 1991 में फिल्म 'ब्रह्मर्षि विश्वामित्र' से बाल कलाकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म का निर्देशन जूनियर एनटीआर के दादा एनटी रामाराव ने किया था। इस फिल्म में जूनियर एनटीआर ने भरत की भूमिका निभाई। इसके बाद बाल कलाकार के तौर पर वह गुणशेखर के निर्देशन में बनी पौराणिक फिल्म 'रामायणम' में राम की भूमिका में नजर आए। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।
प्रशिक्षित कुचिपुड़ी नर्तक
अभिनेता जूनियर एनटीआर एक प्रशिक्षित कुचिपुड़ी नर्तक हैं। कुचिपुड़ी आठ प्रमुख भारतीय शास्त्रीय नृत्यों में से एक है। इसकी उत्पत्ति राज्य आंध्र प्रदेश के कुचिपुड़ी गांव से हुई है। कुचिपुड़ी एक नृत्य-नाटक प्रदर्शन है, जिसकी जड़ें नाट्य शास्त्र के प्राचीन हिंदू संस्कृत पाठ से जुड़ी हुई हैं। यह भारत के सभी प्रमुख शास्त्रीय नृत्यों की तरह यात्रा करने वाले चारणों, मंदिरों और आध्यात्मिक विश्वास से जुड़ी एक धार्मिक कला के रूप में विकसित हुआ है।
बतौर हीरो राजामौली ने दिया ब्रेक
तेलुगू भाषा की रोमांटिक एक्शन फिल्म 'स्टूडेंट नंबर वन' के जरिए जूनियर एनटीआर ने बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली ने किया था। दिलचस्प बात यह है कि निर्देशक के रूप में एसएस राजामौली की भी यह पहली फिल्म थी। 1.85 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 12 करोड़ रुपये रहा। यह साल 2001 की सबसे सफल तेलुगु फिल्मों में से एक थी।